नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता गर्भावस्था के कारण शारीरिक रूप से परेशान है। पिछले सप्ताह पेट में दर्द होने पर परिजन उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज ले गए थे। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण स्वास्थ्य महकमे के रहमोकरम पर था। इसके बाद भी हाथरस में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लापरवाही बरती गई। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब पीड़िता जेएन मेडिकल कॉलेज में निगरानी में रहेगी।
ननद के बेटे ने किया गलत काम
मुरसान की महिला का आरोप है कि उनकी नाबालिग बेटी के साथ ननद के बेटे ने ही गलत काम किया है। जनवरी में जब पेट में दर्द उठा तो चिकित्सकों से घर वालों को घटना की जानकारी हुई। पुलिस आरोपी युवक को जेल भेज चुकी है। पुलिस डीएनए टेस्ट भी करा चुकी है, जिसकी रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
उम्र महल 15 वर्ष, छह माह की गर्भवती
लड़की की उम्र महज 15 वर्ष है और वह साढ़े छह माह की गर्भवती है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हाथरस की लापरवाही के कारण गर्भपात के निर्णय को लेकर देरी हुई। अधिवक्ता ने बताया कि स्वास्थ्य कारणों व सुरक्षा की दृष्टि से फिलहाल वह जेएन मेडिकल कॉलेज में रहेगी। न्यायिक अधिकारी भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
