इलाहाबाद हाईकोर्ट का कहना है कि महिला का शरीर उसका मंदिर है और पवित्रता उसकी नींव। इसे किसी भी कीमत पर हिलाया नहीं जा सकता। दुष्कर्म जैसे अपराध जीवन की गरिमामयी सांसों को दबा देते हैं।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट का कहना है कि महिला का शरीर उसका मंदिर है और पवित्रता उसकी नींव। इसे किसी भी कीमत पर हिलाया नहीं जा सकता। दुष्कर्म जैसे अपराध जीवन की गरिमामयी सांसों को दबा देते हैं।
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