आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र के एक अस्पताल संचालक और उनके परिजन से महाराष्ट्र में होटल खरीदवाने के नाम पर 1.21 करोड़ की धोखाधड़ी की गई। पीड़ित ने रकम वापस मांगी तो लाॅरेंस विश्नोई गैंग के नाम से जान से मारने की धमकी दी गई। दो साल तक रकम नहीं मिलने पर पीड़ित ने डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास से शिकायत की। जांच के बाद महाराष्ट्र के कोल्हापुर और पुणे निवासी तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में जुट गई है।
कालिंदी विहार निवासी डाॅ. रविंद्र सिंह बघेल बीएचएमएस की पढ़ाई के बाद चिकित्सा व्यवसाय कर रहे हैं। उनका शंकर नगर, टेढ़ी बगिया पर आरबी हाॅस्पिटल है। उन्होंने बताया कि बड़े भाई जरजोधन सिंह वर्तमान में अस्पताल का प्रबंधन देख रहे हैं। वह पहले पुणे, महाराष्ट्र में हलवाई का काम करते थे। तभी उनकी मुलाकात कोल्हापुर के रमेश कुकारामजी चाैधरी से हुई। वह दोनों साथ काम करने लगे। दोनों के बीच नजदीकी संबंध हो गए। डाॅ. रविंद्र भी रमेश को बड़ा भाई मानने लगे। वर्ष 2012 में रमेश पत्नी और बच्चों के साथ घर आए थे।
वर्ष 2017 में उन्होंने बताया कि मिठाई की दुकान में नुकसान हो गया है। पांच लाख की आवश्यकता है। जुलाई 2017 में डाॅ. रविंद्र सिंह बघेल ने अपने भाई के खाते से 4.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। तीन महीने बाद वो फिर से पत्नी के साथ घर आए। उधारी की रकम मांगने पर 50 ग्राम की सोने की सिल्ली दिखाई। कहा कि जब तक रुपये वापस नहीं करता, तब तक इसे रख लो। वह तैयार हो गए। इसके बाद रमेश चले गए। डॉ. रविंद्र ने कई बार रकम मांगी तो वह टालमटोल करते रहे।
वर्ष 2023 में रमेश ने फोन पर बात की। कहा कि पुणे में एक सस्ता होटल बिक रहा है। वीडियो काॅल से होटल के फोटो भी दिखाए। होटल के सामने 2500 मीटर जगह भी दिखाई। कहा कि होटल मालिक अपनी संपत्ति बेचकर अमेरिका जा रहा है। होटल के तीन करोड़ रुपये देने हैं। एक साल बाद होटल को 4 करोड़ के फायदे के साथ बेच देंगे। फिलहाल मालिक को 1.10 करोड़ देने हैं। बाद में 1.90 करोड़ रुपये देकर बैनामा करा लेंगे। इस पर रविंद्र सिंह तैयार हो गए। उन्होंने कई बार में उमेश भरत कुमार, किरण रामचंद्र फडतरे व रमेश के खातों में 1.17 करोड़ रुपये अपने और पत्नी के खाते से ट्रांसफर कर दिए।
डॉ. रविंद्र ने बताया कि बैनामा के लिए आने के बारे में पूछने पर कहा कि होटल मालिक लापता हो गया। पैसे वापस करने से मना कर दिया। इस पर उन्होंने पहले दी गई आरोपी की सिल्ली को चेक कराया। वह सोने की जगह पीतल की निकली। आरोपी ने पीड़ित से 1.21 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। इसके बाद डॉ. रविंद्र बात करने के लिए परिवार के लोगों के साथ रमेश के घर गए। उसके परिजन से बात की। आरोपियों ने धमकी देते हुए कहा कि उमेश भरत कुमार और किरण रामचंद्र फडतरे के पास गए तो जान से हाथ धो बैठोगे। उन्होंने लॉरेंस विश्नोई से बात कर ली है। दो दिन तक आरोपी धमकाते रहे। बाद में डॉ. रविंद्र वापस आ गए। अब उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई।
धमकी देने की भी होगी जांच
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि थाना ट्रांस यमुना में 1.21 करोड़ की ठगी के मामले में केस दर्ज किया गया है। महाराष्ट्र के रमेश कुकारामजी चाैधरी, उमेश भरत कुमार और किरण राम चंद्र फडतरे नामजद हैं। केस में साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी। लॉरेंस विश्नोई के नाम पर धमकी का आरोप लगाया है। इसकी भी जांच कराई जाएगी।
