बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के यहां आयकर छापे में 10 करोड़ रुपये बरामद होने के बाद बृहस्पतिवार को ज्यादातर विधायक इस मुद्दे पर बोलने से बचते रहे। बुधवार को तेवर दिखाने वाले उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह का रुख भी नरम रहा। उमाशंकर के घर व प्रतिष्ठानों पर छापे के बाद उनके समधी और उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी।
सोशल मीडिया पर बयान जारी कर उन्होंने कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया था लेकिन बृहस्पतिवार को उद्यान मंत्री मीडिया से दूरी बना ली। उन्हें फोन भी किया गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि, सपा के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि उमाशंकर की सेहत नाजुक है। ऐसे में यह कार्रवाई उन्हें पीड़ा दे सकती है। उनकी तबीयत को देखते हुए छापे की कार्रवाई टाली जा सकती थी। फर्रुखाबाद के विधायक नागेंद्र सिंह ने कहा कि यह उनके स्तर का मामला नहीं है। इसलिए इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल सकते हैं। अन्य विधायक भी इस मुद्दे पर कन्नी काटते रहे।
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घर, फाॅर्म हाउस और होटल को आयकर विभाग ने दूसरे दिन भी खंगाला
बलिया/नगरा। रसड़ा विधानसभा सीट से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी आयकर विभाग की जांच जारी रही। 40 से अधिक अधिकारी विधायक के पैतृक गांव खनवर स्थित फाॅर्म हाउस, छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन के प्लांट और रसड़ा के छितौनी स्थित होटल पर दस्तावेज खंगालते रहे। उमाशंकर के सहयोगी भूपेंद्र सिंह और दौलतपुर में प्रवीण सिंह के आवास पर भी टीमों ने छानबीन की। करीब 35 घंटे से आयकर विभाग की जांच जारी है। कुछ अधिकारी बुधवार की शाम स्टेट बैंक नगरा की शाखा भी गए थे।
