आगरा। उत्तराखंड के धराली में बादल फटने से आई तबाही के बाद सेना की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। आगरा एयरफोर्स स्टेशन से सी-295 और एएन-32 सहित 5 विमानों से 114 जवान भेजे गए हैं। वो अपने साथ 13.5 टन आपदा राहत सामग्री लेकर गए हैं। इसके अलावा आगे के ऑपरेशन के लिए बरेली में एमआई-17 और एएलएच एमके-3 को हाईअलर्ट पर रखा गया है। उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार को बादल फटने से भारी तबाही हुई है। खीरगंगा नदी में पहाड़ी से आया सैलाब अपने साथ 25-30 होटल, घरों और होम स्टे को बहा ले गया। चार लोगों की माैत हुई, 60-70 लापता हैं। धराली का मुख्य बाजार तबाह हो गया। इस घटना के बाद सेना की ओर से राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। इसके लिए आगरा और बरेली एयरफोर्स स्टेशन को रात में ही सक्रिय कर दिया गया था। आगरा एयरफोर्स स्टेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहां से 114 जवानों को 13.5 टन आपदा राहत सामग्री के साथ सी-295 और एएन-32 सहित 5 विमानों से रवाना किया गया है। जवान देहरादून पहुंच चुके हैं। इसके बाद आगे का ऑपरेशन चलाया जाएगा। टीम के पास महत्वपूर्ण बचाव सामग्री है। भारतीय वायुसेना सुबह घने कोहरे और बारिश के कारण उड़ान सीमित होने के बावजूद आपदा से निपटने के लिए नागरिक-सैन्य संयुक्त ऑपरेशन चला रही है। देश-विदेश में आगरा एयरफोर्स स्टेशन के जवान राहत कार्य में अहम भूमिका निभा चुके हैं। दो साल पहले तुर्किये में आए भीषण भूकंप के बाद लोगों की जिंदगी बचाने के लिए आगरा से 60 आर्मी फील्ड अस्पताल की मेडिकल टीम गई थी। खेरिया स्थित टेक्निकल एयरपोर्ट से सुपर हरक्यूलिस विमान में आर्मी फील्ड अस्पताल की 89 सदस्यीय मेडिकल टीम भेजी गई थी। टीम के पास बेड तैयार करने की सुविधा भी थी। इसी साल मार्च में म्यांमार में आए भूकंप के बाद भारत ने ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया गया था। आगरा से 118 सदस्यीय मेडिकल टीम को भेजा गया था। 2 सी-130 विमानों से टीम को हिंडन एयरबेस भेजा गया था। टीम के साथ 60 बेड का अस्पताल, एक्सरे और जांच मशीन भी शामिल थीं।
