{“_id”:”6711595f691afe55860f9d49″,”slug”:”12-people-sentenced-for-21-year-old-double-murder-orai-news-c-224-1-ori1005-121099-2024-10-18″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: 21 साल पुराने डबल मर्डर 12 लोगों को सजा”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
उरई। 21 साल पहले दो लोगों की हत्या के मामले में कोर्ट ने एक व्यक्ति को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इस मामले में 14 आरोपी थे। जिनमें से एक को सात साल और दस लोगों को दो-दो साल की सजा सुनाई गई। हत्या का बदला लेने के लिए दो लोगों की हत्या हुई थी।
जिला झांसी थाना ककरबई ग्राम धनौरा निवासी विजय पाल सिंह ने थाना पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि वर्ष 1981 में उसके पिता तेजप्रताप सिंह की गांव के ही प्रमोद मिश्रा ने हत्या कर दी थी। इसका बदला 1999 में उसके भाई जितेंद्र प्रताप ने प्रमोद मिश्रा की हत्या कर ले लिया। 27 जून 2003 को वह अपने भाई जितेंद्र प्रताप व महिपाल, इंद्रपाल, शत्रुघ्न सिंह, रामपाल के साथ ताश खेल रहे थे।
इसी दौरान गांव के सुरेश मिश्रा, संतोष, ओमप्रकाश, दृगचंद्र, गोरेलाल, नत्थू, मूलचंद्र, मन्नूलाल समेत 14 लोग आए। बद्रीसिंह, कल्लू सिंह, भूरी सिंह, शिवन पाल राइफल लिए थे, उन्होंने ललकारा। सुरेश मिश्रा ने उसके भाई जितेंद्र प्रताप पर राइफल से फायरिंग की। जबकि उनके 14 साथियों ने भी जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग की। जिससे उसके सगे भाई जितेंद्र प्रताप उर्फ गुड्डू व महिपाल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
ट्रायल के दौरान आरोपियों ने जिला जालौन में अपने निवास बना लिए थे। आरोपियों ने मुकदमे को जिला झांसी से उरई ट्रांसफर करने के लिए हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट के आदेश से जिला न्यायालय उरई में ट्रायल चल रहा था। 21 साल पुराने मुकदमे की सुनवाई शुक्रवार को पूरी हुई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम शिवकुमार ने 82 पन्नों का आदेश पढ़कर सुनाया। जिसमें संतोष को हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद और 65500 रुपये जुर्माना लगाया। नत्थू को जानलेवा हमले में दोषी पाते हुए दस साल की सजा सुनाई। सुरेश मिश्रा और ओमप्रकाश के खिलाफ सबूत न मिलने पर दोषमुक्त कर दिया। गोरेलाल, बालादीन, नत्थू, मूलचंद्र, मन्नूलाल, बद्री सिंह, कल्लू, भूरी सिंह, शिवन, दृगचंद्र को दो-दो साल की कैद की सजा सुनाई।
