
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया में उलझ जाने से 126 काम अटके हुए हैं। इस वजह से बजट एवं कार्य स्वीकृत होने के बावजूद भी ये काम अधर में फंसे हैं। काम आरंभ न होने से पार्षद भी नाराज हैं।
करीब तीन करोड़ की लागत से नगर निगम ने महानगर के अंदर मरम्मत समेत कुल करीब 156 कार्यों के लिए तीन माह पहले निविदा प्रक्रिया आरंभ की थी। महज तीस काम आरंभ हो सके, जबकि शेष 126 काम के टेंडर नहीं हो सके। इनमें नाली, गली मरम्मत समेत इंटरलाकिंग बिछाने समेत जैसे अहम कार्य शामिल हैं। सौंदर्यीकरण के भी कार्य हैं। इनमें किसी के दिलचस्पी न लेने से निगम प्रशासन को एक अगस्त को री-टेंडर कराना पड़ा। यह टेंडर अब 22 अगस्त को खोले जाएंगे लेकिन, बार-बार टेंडर तिथि के बढ़ाए जाने से यह काम पिछड़ता जा रहा है।
वहीं, निगम अभियंताओं का कहना है कि नगर निगम में कुल 332 पंजीकृत ठेकेदार हैं लेकिन, महज 35-40 ठेकेदार ही निविदा प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं। कई दफा जानबूझकर भी ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने देते। इन सब वजहों से काम करीब तीन माह पिछड़ चुका है। वार्ड 33 से पार्षद राहुल कुशवाहा के मुताबिक टेंडर न होने से कई काम अटके हुए हैं। बैंकर्स कॉलोनी में डामर रोड एवं नाली कई माह से क्षतिग्रस्त है। मुख्य अभियंता राजवीर सिंह का कहना है कि शासन की तयशुदा प्रक्रिया के मुताबिक ही निविदा प्रक्रिया पूरी की जाती है। यह काम जल्द आरंभ कराने की कोशिश की जाएगी।
