रायबरेली। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सीएचसी स्तर पर जल्द ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) संचालित होंगी। 13 यूनिटों को संचालित कराने के लिए शासन से उपकरणों की खरीद के लिए 77.48 लाख रुपये मिले हैं। इन यूनिटों के शुरू होने से जांच, इलाज और टीकाकरण की सुविधा में सहूलियत मिलेगी।
15वें वित्त आयोग व प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जांच और इलाज से संबंधित सुविधाएं बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिले की सभी सीएचसी में बीपीएचयू स्थापित होना है। रोहनियां, सरेनी, शिवगढ़, सलोन, डलमऊ, हरचंदपुर, जगतपुर, खीरों, बेलाभेला, डीह आदि सीएचसी में यूनिटों के लिए भवनों के निर्माण का काम अंतिम दौर में है। प्रत्येक भवन करीब 48 लाख रुपये की लागत से बनवाया जा रहा है।
ब्लाॅक पब्लिक हेल्थ यूनिटों में हेल्थ लैब का निर्माण किया गया है। इसमें जांच, इलाज, टीकाकरण के साथ नियमित स्वास्थ्य कार्यक्रम होंगे। कंप्यूटर कक्ष के साथ दो हाॅल बनवाए गए हैं। बीमारियों के नियंत्रण व रोकथाम के उपाय भी उपलब्ध होंगे। सीएचसी स्तर पर ब्लड की कई जरूरी जांचें नहीं हो पा रही हैं। यूनिटें स्थापित होने के बाद यह जांचें भी शुरू हो जाएंगी।
इसके लिए मरीजों को निजी पैथोलॉजी व जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यूनिटों को संचालित कराने के लिए शासन से उपकरणों की खरीद के लिए बजट मिल गया है। जल्द ही उपकरणों की व्यवस्था होते ही यूनिटें शुरू करा दी जाएंगी।
जिला अस्पताल में स्थापित होगी इंटीग्रेटेड लैब
जिला अस्पताल में जांच की सुविधा को और बेहतर करने के लिए जल्द ही इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब स्थापित की जाएगी। यह लैब 85 लाख रुपये की लागत से तैयार होगी। वर्तमान में जिला अस्पताल के एक कमरे के लैब में और दूसरे कमरे में सैंपल एकत्रित किया जा रहा है। गैलरी में जांच रिपोर्ट तैयार होती है। नई लैब बनने के बाद राहत मिलेगी।
जिले की 13 सीएचसी में जल्द ही ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिटों को संचालित किया जाना है। उपकरणों की खरीद के लिए 77.48 लाख रुपये मिले हैं। जिला स्वास्थ्य समिति में अनुमोदन मिलते ही जल्द ही खरीद करके यूनिटों को शुरू कराया जाएगा। इससे मरीजों को सहूलियतें मिलेंगी।
– डॉ. नवीन चंद्रा, सीएमओ