संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। झांसी जोन के 1300 व्यापारियों ने जीएसटी चुकाने से बचने के लिए नया तरीका खोजा है। इन व्यापारियों ने रिटर्न दाखिल करते हुए घोषणा की है कि उन्होंने बीते तीन माह में व्यापार से एक रुपये भी नहीं कमाया है। ऐसे में उनसे जीएसटी भी नहीं लिया जाए। व्यापारियों का यह तर्क जीएसटी विभाग के गले नहीं उतर रहा है। अब इन व्यापारियों पर कार्यवाही की तैयारी की जा रही है।
राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग द्वारा अधिकतम डेढ़ करोड़ रुपये का वार्षिक टर्नओवर अर्जित करने वाले व्यापारियों को समाधान योजना में शामिल किया गया है। इस योजना में झांसी जोन के सात जिलों के 7,021 व्यापारी पंजीकृत हैं। योजना में जोन के व्यापारियों ने ऐसा खेल किया कि अब वह विभाग को जीएसटी का भुगतान करने से भी कतरा रहे हैं। जनवरी, फरवरी और मार्च माह का रिटर्न दाखिल करने वाले जोन के 1347 व्यापारियों ने अपने रिकॉर्ड में शून्य आय दर्शाई है।
दस्तावेजों के अनुसार व्यापारियों का कहना है कि उन्हाेंने इन तीन माह में एक भी रुपये नहीं कमाया है। ऐसे में वह जीएसटी भुगतान के दायरे से बाहर हैं। वहीं, दूसरी ओर 456 व्यापारी ऐसे भी हैं कि जिन्होंने रिटर्न ही दाखिल नहीं किया। विभाग ने इन व्यापारियों पर कार्रवाई का मन बना लिया है।
इन जिलों के इतने व्यापारियों ने शून्य बताया व्यापार
झांसी – 244
जालौन – 489
ललितपुर – 20
बांदा – 153
हमीरपुर – 238
चित्रकूट धाम कर्वी – 64
महोबा -139
इन जिलों के व्यापारियों ने भरा ही नहीं रिटर्न
झांसी – 134
जालौन – 106
ललितपुर – 5
बांदा – 30
हमीरपुर – 48
चित्रकूट धाम कर्वी – 105
महोबा -28
वर्जन
समाधान योजना में शामिल कई व्यापारियों ने तीन महीने का अपना व्यापार शून्य दर्शाया है। वहीं, 456 ने रिटर्न ही दाखिल नहीं किया। अब इन व्यापारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
धीरेंद्र प्रताप, अपर आयुक्त ग्रेड 1, जीएसटी।
