संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। रेलवे के विकास कार्य यात्रियों के लिए एक बार फिर परेशानी का कारण बन गए हैं। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर के ट्रैक को मुख्य लाइन से जोड़ने के चलते झांसी से होकर आने जाने वालीं 40 ट्रेनों का संचालन सितंबर माह में बुरी तरह प्रभावित रहने वाला है। ऐसे में उन यात्रियों को सबसे अधिक समस्या हुई है, जिन्होंने पहले से ट्रेनों का कंफर्म टिकट कराया था। 55 हजार से अधिक यात्रियों को टिकट रद्द कराना पड़ा है।
वहीं, प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस के भी निरस्त होने से रेलवे को भी नुकसान झेलना पड़ा है। वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से होकर आने-जाने वालीं ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ कभी कम नहीं होती है। ऐसे में रेलवे भी इस मुख्य मार्ग पर ट्रेनों का बड़ी संख्या में संचालन करता है। लेकिन, आगामी सितंबर माह में इस मार्ग पर दौड़ने वालीं 40 ट्रेनें प्रभावित हैं। इनमें से 16 ट्रेनों को जहां अधिकतम 12 दिन के लिए निरस्त किया गया है तो वहीं, 24 ट्रेनों को रास्ता बदलकर चलाने का निर्णय लिया है।
ऐसे में इन ट्रेनों में एडवांस रिजर्वेशन कराने वाले 55 हजार से अधिक यात्रियों को टिकट रद्द कराना पड़ा है। हालांकि, रेलवे निरस्त और मार्ग परिवर्तित कर चलाई जाने वालीं ट्रेनों के टिकट निरस्त करने पर शत प्रतिशत रिफंड दे रहा है।
ये महत्वपूर्ण ट्रेनें हैं निरस्त
रेलवे ने रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस, भोपाल एक्सप्रेस, पातालकोट एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस, गोंडवाना एक्सप्रेस, श्रीधाम एक्सप्रेस समेत 16 ट्रेनों का संचालन निरस्त कर दिया है।
अब मिल रही वेटिंग
जिन तिथि में रेलवे ने झांसी से दिल्ली और दिल्ली से झांसी के बीच चलने वालीं ट्रेनों का संचालन निरस्त किया है, उन ट्रेनों के स्थान पर अब यात्री दूसरी ट्रेनों में आरक्षित सीट तलाश रहे हैं। लेकिन, उन्हें आसानी से सीट नहीं मिल पा रही हैं। अमृतसर-नांदेड़ एक्सप्रेस, केरला एक्सप्रेस, यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, श्री गंगानगर एक्सप्रेस, तमिलनाडु एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, तेलंगाना एक्सप्रेस, हीराकुंड एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस जैसी ट्रेनाें के स्लीपर कोच में वेटिंग मिल रही है।
वर्जन
उत्तर रेलवे के पलवल स्टेशन पर नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। ऐसी ट्रेनों का टिकट निरस्त करने पर यात्रियों को नियमानुसार रिफंड किया जाता है। – मनोज कुमार सिंह, मंडल रेल जनसपंर्क अधिकारी।
