उरई। एक ओर जहां लाखों रुपये बकाया रखने वाले बड़े उपभोक्ताओं पर निगम की सख्ती बेअसर है, वहीं दूसरी ओर स्मार्ट मीटर लगने से छोटे उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। कई उपभोक्ता ऐसे हैं जो रिचार्ज करना नहीं जानते हैं, वह मजबूरी में दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं।

शहर क्षेत्र में करीब एक लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 840 उपभोक्ताओं पर लगभग 17 करोड़ रुपये का बकाया है। किसी उपभोक्ता पर एक लाख तो किसी पर दो लाख रुपये से अधिक की देनदारी है। इसके बावजूद विभाग इन बड़े बकायेदारों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।

वहीं दूसरी ओर शहर में करीब 22 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें लगभग पांच हजार उपभोक्ता ऐसे हैं जो रिचार्ज व्यवस्था के कारण दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि रिचार्ज खत्म होते ही अचानक बिजली कट जाती है और कई बार उन्हें इसकी जानकारी भी समय पर नहीं मिल पाती।

कई उपभोक्ताओं ने यह भी शिकायत की है कि उनके घरों तक बिजली का बिल नहीं पहुंच रहा है। जब अचानक बिजली कटती है, तभी उन्हें बकाया का पता चलता है। खास बात यह है कि इनमें से कई उपभोक्ताओं का बकाया पांच से दस हजार रुपये के बीच ही है, फिर भी उन्हें अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।

लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनकी समस्याएं बढ़ गई हैं। उनका आरोप है कि बिना सूचना के बिजली कट जाना आम बात हो गई है, जिससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।

उपभोक्ताओं ने मांग की है कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं का समाधान कर आम उपभोक्ताओं को राहत दिलाई जाए।

मैसेज नहीं पहुंचने से उपभोक्ता परेशान

स्मार्ट मीटर लगे कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें रिचार्ज खत्म होने या बैलेंस कम होने की कोई सूचना नहीं मिलती। मोबाइल पर मैसेज न पहुंचने के कारण उन्हें बिजली कटने की जानकारी समय पर नहीं हो पाती। अचानक बिजली गुल होने पर ही उपभोक्ताओं को पता चलता है कि उनका बैलेंस खत्म हो गया है। इससे उन्हें बार-बार रिचार्ज कराने में दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं और रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।

मोहल्ला राजेंद्र नगर निवासी प्रवीण सिंह का कहना है कि 3200 का रिचार्ज करवाया लेकिन इसके बाद भी उनकी सप्लाई काट दी गई। जब उन्होंने इसकी शिकायत संबंधित जेई से की तो उन्होंने कहा कि हम इसमें कुछ नहीं कर पाएंगे। वह कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं पर सुनवाई नहीं हो रही।

जबरदस्ती लगाए गए स्मार्ट मीटर

उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनके घरों में बिना सहमति के स्मार्ट मीटर लगा दिए गए। उनका कहना है कि पारंपरिक मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा दिए गए, जिससे उन्हें रिचार्ज प्रणाली में मजबूरन आना पड़ा। उपभोक्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था की सही जानकारी न होने और तकनीकी दिक्कतों के कारण उन्हें बार-बार परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए और उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।



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