अमर उजाला अलीगढ़ ने अपने 19 वर्ष के सफर में जिले की समस्याओं और मुद्दों पर भी खूब साथ निभाया है। यूनिट स्थापना के 19 साल गुजर गए, मगर लगता है कि यह कल की ही बात है। शहरवासियों ने धूमधाम से अपने चहेते अखबार को हाथों हाथ लिया। इस रोमांचक सफर में अमर उजाला ने भी पूरे दमखम के साथ जनता से जुड़े मुद्दों, उनकी निजी समस्याओं को भी सहयोगी बनके दूर कराते हुए सपनों को साकार कराया है। अखबार की सार्थक पहल ने काम न सिर्फ आसान बनाया, बल्कि लोगों का आत्मविश्वास भी बढ़ाया।

अमर उजाला ने इनके जीवन में लाया बदलाव

1-श्यौराज की रिहाई: 2004 में हरियाणा पुलिस द्वारा घर से गिरफ्तार कर ले जाए गए बरला के गांव दिलालपुर के बेगुनाह श्यौराज को उम्रकैद की सजा हो गई। अमर उजाला ने श्यौराज की पत्नी सुनीता और मासूम बच्चों की आवाज उठाई। बात अलीगढ़ से लखनऊ, चंडीगढ़ और दिल्ली तक पहुंची। समय जरूर लगा मगर बेगुनाह श्यौराज को बेकुसूर मानकर 2012 में रिहा किया गया। उसके माथे से अपराध का कलंक हटा। इसके लिए पूरा परिवार अमर उजाला का आभारी है।

2-कुपोषण के खिलाफ जंगल: बिजौली के गांव सिरसा की 9 वर्षीय बेटी लक्ष्मी कुपोषण का शिकार थी और उसके तालू में छेद था। वह इलाज के लिए हरियाणा के सहारे थी। 2019 में लक्ष्मी की आवाज अमर उजाला बना। विषय मुद्दा बना। लक्ष्मी को अलीगढ़ में इलाज मिला। आज वह स्वस्थ है। साथ में 100 करीब अन्य बच्चों के भी इलाज हुए। लक्ष्मी का परिवार आज भी अमर उजाला का आभारी है।

3-अमित की किडनी बदली: 2013-14 में भारतीय सेना में चयनित टप्पल के गढ़ी सूरजमल के अमित की किडनी खराब हो गई। किडनी बदलने के लिए और उपचार के लिए आर्थिक सहायता कराने में अमर उजाला ने अमित के परिवार की मदद की। इस सहयोग के सहारे उसकी दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में इलाज चला और किडनी बदली गई। इस प्रयास से अमित का परिवार अमर उजाला का आभारी है।

4-बबलू के दिल का इलाज: इगलास की मास्टर कालोनी के बबलू को दिल की बीमारी थी। उसकी इस बीमारी में इलाज के लिए अमर उजाला ने परिवार की मदद की। समाज के लोगों को जगाकर बच्चे के इलाज में सहयोग कराया। आज यह परिवार भी अमर उजाला का आभारी है।

5-गुलशाना को दिलाई छांव: चंडौस के रामपुर शाहपुर की गुलशाना पर पारिवारिक रंजिश में 2018 में तेजाब से हमला हुआ। इस हमले में उसके आंखों में परेशानी आई। अमर उजाला ने उसकी आवाज को मुद्दा बनाया। उसे छांव संगठन तक पहुंचाया। उसे मुआवजा मिला व बाद में छांव के सहयोग से उसकी आंख का ऑपरेशन कराया गया।



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