संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Fri, 22 Nov 2024 12:49 AM IST
उरई। सात साल पहले किशोरी को गांव से बहलाकर ले जाकर उससे दुष्कर्म करने के दोषी को न्यायाधीश ने बीस साल की सजा सुनाई और चालीस हजार रुपये अर्थदंड लगाया। बीस हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए।
कोंच कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि एक अगस्त 2017 को उसकी नाबालिग बेटी को बहलाकर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस जांच में किशोरी को ले जाने में संजू निवासी काथो थाना मिहौना जिला भिंड का नाम सामने आया था। पुलिस ने फोन लोकेशन पर लगाकर संजू और किशोरी को बरामद कर लिया।
पुलिस ने पीड़िता के कलमबंद बयान कोर्ट में दर्ज कराए। जहां उसने संजू के खिलाफ दुष्कर्म को बात कही थी। पुलिस ने संजू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया और किशोरी को परिजनों को सौंप दिया। सात साल चले ट्रायल के बाद गुरुवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट मोहम्मद कमर ने संजू को दोषी पाते हुए बीस साल की सजा सुनाई और चालीस हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना के बीस हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए।