सिधौली स्थित गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति द्वारा दान में मिली रक्षा मंत्रालय की जमीन खुर्द बुर्द करने की पुष्टि हुई है। डीएम ने इसकी विस्तृत रिपोर्ट लखनऊ स्थित सोसाइटी रजिस्ट्रार को भेज दी है। इसकी एक प्रतिलिपि शासन व रक्षा संपदा अधिकारी कार्यालय भी भेजी गई है।

शिकायतकर्ता डॉ कमल कुमार जैन ने 13 अगस्त 2025 को गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज को दान में मिली जमीन को बेंचने की शिकायत की थी। इस संबंध में एसडीएम सदर न्यायिक व उपनिबंधक सिधौली की दो सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच के निर्देश दिए थे।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि गांधी विद्यालय समिति का पंजीकरण सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत 24 जनवरी 1950 को हुआ था। तत्कालीन राष्ट्रपति ने 11 सितंबर 1967 को सिधौली के बहादुरपुर गांव में सरकारी पड़ाव नाम से दर्ज सेना की 30 एकड़ जमीन को 23 हजार 690 रुपये के भुगतान के बाद सरकारी अनुदान अधिनियम 1895 के अधीन संस्था को स्थानांतरित किया था। इसके बाद सिधौली निवासी तोताराम जैन ने 9 अगस्त 1987 को सर्वोदय विद्यालय समिति का गठन कर लिया।

आरोप लगाया कि बिना सक्षम स्तर की अनुमति से 22 बैनामों के माध्यम से जमीन को बेंच दिया गया। खास बात यह रही कि वर्ष 2003 व 2006 में तोताराम जैन ने दान पत्र के माध्यम से कुछ जमीन अपने ही नाम कर दी। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने सोसाइटी रजिस्ट्रार व रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को कार्यवाही के लिए पत्र लिखा है। इस जमीन का बाजार मूल्य दो सौ करोड़ से अधिक है।

नियम विरुद्ध विक्रय के कारण कीमती जमीन पर अवैध कब्जे

एसडीएम सदर न्यायिक ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इस जमीन का स्थलीय निरीक्षण किया गया। मौके पर विभिन्न व्यवसायिक गतिविधियां मिली हैं। गाटा संख्या 155 व 151 राष्ट्रीय राजमार्ग पर है। यह भी लिखा है कि नियम विरुद्ध बैनामों के कारण विद्यालय की कीमती जमीन पर अवैध कब्जे हैं। रक्षा मंत्रालय द्वारा दी गई जमीन को खुर्द बुर्द किया गया है।



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