उरई। धान की पराली जलाने पर कृषि विभाग की ओर से रविवार को अभियान चलाकर 11 गांवों के 21 किसानों पर जुर्माना लगाया है। तहसीलदार कोंच जितेंद्र सिंह पटेल ने उप कृषि निदेशक के साथ गांवों में पहुंचकर किसानों को पराली जलाने के नुकसान भी बताए।

उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पराली जलाना प्रतिबंधित है। पराली जलाने वाले किसानों से अपील की है कि वह किसी भी दशा में फसलों के अवशेष न जलाएं। जिले के कई गांवों में किसानों पर अर्थदंड लगाया गया है। उप कृषि निदेशक एस के उत्तम ने बताया कि जिले में खरीफ की फसल में बोई गई धान की कटाई के बाद पराली खेतों में जलाए जाने की घटनाएं किसान करते हैं।

जिले से गठित उड़नदस्ता टीमों ने निरीक्षण के दौरान पराली जलाने वाले गेंदौली गांव निवासी किसान दीपक पर पांच हजार, शंकर सिंह पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इटौरा निवासी किसान हनुमंत सिंह पर पांच हजार, चमरऊआ गांव के किसान राजबहादुर अरविंद कुमार, प्रदीप कुमार, नीनाबेटी पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इसी प्रकार दाढ़ी गांव निवासी किसान प्रेम सिंह व भगत सिंह पर पांच – पांच हजार, अरुण कुमार, उर्मिला देवी पर दस हजार जुर्माना लगाया है। कमलेश कुमार, कामता प्रसाद, घनश्याम, देवेंद्र कुमार पर 30-30 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।

सलैया खुर्द निवासी किसान नन्हे सिंह पर पांच हजार, हिंगुटा गांव निवासी किसान प्रदुम्न सिंह पर पांच हजार, खुटैला गांव निवासी किसान राम सेवक पर पांच हजार, रामस्वरूप पर भी पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है।



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