{“_id”:”66c8e5793321d6e5530c9e27″,”slug”:”2101-candidates-left-the-exam-amidst-strictness-orai-news-c-224-1-ori1001-118813-2024-08-24″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: सख्ती के बीच 2101 अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
उरई। पुलिस भर्ती परीक्षा शुक्रवार को पहले दिन सकुशल संपन्न हो गई। सख्ती के बीच 2101 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा को लेकर पूरे शहर में चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात रही। केंद्रों के दो सौ मीटर के दायरे में लोगों के आने जाने पर रोक रही। परीक्षा से दिन भर शहर में जाम की स्थिति बनी रही। इस दौरान अधिकारी चकरघिन्नी बने रहे। दिन भर प्रशासन की गाड़ियां दौड़ती रहीं।
जिले में 13 केंद्रों पर आयोजित पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के पहले दिन दोनों पालियों में 7344 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, लेकिन पहले दिन 2101 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी, पहली पाली में 1112 अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे, जबकि दूसरी पाली में 989 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। सुबह से ही अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर पहचने लगे थे। इसको लेकर प्रशासन की तरफ से तैयारियां भी की गई थी। केंद्र के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई थी। जैसे ही साढ़े आठ बजे तो स्कूल के सामने लाइनों को लगा दिया गया।
केवाईसी व बायोमीट्रिक के बाद अभ्यर्थियों को केंद्र के अंदर प्रवेश दिया गया। इसके बाद 10 बजे से शुरू हुई पहली पाली की परीक्षा 12 बजे समाप्त हुई। इसके साथ ही दूसरी पाली की परीक्षा 3 बजे से शुरू हुई और शाम 5 बजे खत्म हुई। इस दौरान अभ्यर्थियों को कड़े सुरक्षा चक्र के बीच गुजरना पड़ा। पेन व प्रवेश पत्र के अलावा कोई भी सामान अंदर नहीं ले जाने दिया गया।
पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर इस कदर सख्ती रही कि रक्षाबंधन पर बहनों द्वारा भाइयों की कलाइयों पर बांधे गए रक्षासूत्र भी हटवा दिए गए। अभ्यर्थियों से खुद रक्षासूत्र हटाने को कहा गया, जिन अभ्यर्थियों ने रक्षासूत्र नहीं हटाया, उनकी कलाई से कैंची से रक्षा सूत्र काट दिए गए। इसे लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने नाराजगी जताई लेकिन नियमों का हवाला देते हुए उन्हें शांत कर दिया गया। इसके अलावा महिलाओं के टॉप्स भी उतरवा दिए गए। परीक्षा को लेकर पुलिस व प्रशासन की गाड़ियों दिन भर इधर से उधर दौड़ती रहीं। हालांकि दोनों पालियों में 2101 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए।
डीएम-एसपी दिन भर केंद्रों का लेते रहे जायजा
उरई। पुलिस भर्ती परीक्षा पारदर्शिता से हो इसके लिए प्रशासन की तरफ से पूरे इंतजाम किए गए थे। डीएम राजेश कुमार पांडेय व एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने शुक्रवार को पहली पाली की परीक्षा में आचार्य नरेंद्र देव इंटर कॉलेज, सर्वोदय इंटर कालेज, राजकीय मेडिकल कॉलेज, गांधी इंटर कालेज, दयानंद वैदिक कॉलेज व द्वितीय पाली में आर्य कन्या इंटर कॉलेज, सनातन धर्म इंटर कालेज, छत्रसाल इंटर कॉलेज पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरे की निगरानी देखी। (संवाद)
एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि परीक्षा को लेकर एक एसपी, दो एएसपी, चार सीओ, नौ निरीक्षक, 47 उपनिरीक्षक, 39 हेड कांस्टेबल, 140 कांस्टेबल, 32 महिला सिपाही, 4 उपनिरीक्षक एलआईयू, सात मुख्य आरक्षी, दो दमकल गाड़ियां, 18 पुलिस कर्मी यातायात, छह पीआरवी, जिसमें 30 पुलिस कर्मी, छह रेडियो कर्मी आदि शामिल हैं। जो परीक्षा को लेकर विशेष नजर बनाए हैं। (संवाद)
जाम में घिरा शहर, दिनभर रेंगे वाहन
उरई। पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर दो दिन पहले से ही यातायात कर्मियों को निर्देशित कर दिया गया था। लेकिन एकदम से शहर में उमड़ी भीड़ से जाम की स्थिति बन गई। पूरे दिन वाहनों की रफ्तार नहीं बढ़ सकी। हालांकि यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मुख्य चौराहों व तिराहों पर 18 यातायात कर्मी लगाए गए थे, लेकिन उसके बाद भी जाम लगा रहा। सबसे ज्यादा जाम की समस्या लोगों को शहीद भगत सिंह चौराहे से लेकर जिला जज परिसर के पास तक रही। जाम में कई स्कूली वाहन व पुलिस की गाड़ियां भी फंसी रही। इसके साथ ही स्टेशन रोड पर तीन सेंटर बने होने से एकदम से जैसे ही अभ्यर्थी छूटे तो जाम की स्थिति बन गई। लोग करीब बीस मिनट तक दोपहर भीषण उमस में फंसे रहे। लोगों का कहना है कि जानकारी के बाद भी पुलिस प्रशासन की तरफ से उचित इंतजाम नहीं किए गए थे, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि पहले दिन जब यह हाल रहा तो लग रहा है कि पांच दिनों तक ऐसे ही परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
