संवाद न्यूज एजेंसी

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झांसी। झांसी स्टेशन के सामने रेलवे की भूमि पर बन रही एमएफसी (मल्टी फंक्शनल कांप्लेक्स) में 36 घंटे से लगातार हो रही बारिश और भूजल स्तर बढ़ने से 23 फीट तक पानी भर गया है। इससे बेसमेंट में बनी दुकानें खुलने से पहले ही जलमग्न हो गई हैं। व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। पानी का जोर इतना है कि बिल्डिंग पर ढहने का खतरा भी मंडराने लगा है।

साल 2013 में रेलवे की सहयोगी संस्था रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) ने झांसी स्टेशन के सामने यात्री सुविधा के लिए यहां मल्टी फंक्शनल कांप्लेक्स बनाने के लिए निजी फर्म को 45 साल के लिए भूमि लीज पर दी गई है। तब से लेकर आज तक बिल्डिंग का निर्माण कराया जा रहा है। इसी बिल्डिंग में 20 फीट गहरी मल्टी लेबल पार्किंग के लिए खुदाई की गई है और उस पर सेमी बेसमेंट में रेस्टोरेंट और दुकानें बनाई गई हैं लेकिन पानी की निकासी के लिए कोई व्यवस्था न होने के चलते अब पूरी बिल्डिंग पानी की जद में आ गई है।

मंगलवार से लगातार हो रही बारिश ने बिल्डिंग की पार्किंग और सेमी बेसमेंट को जलमग्न कर दिया है। बृहस्पतिवार तक यहां 23 फीट तक पानी भर गया है। ऐसे में पानी की निकासी न होने से अब पूरी की पूरी बिल्डिंग पर ढहने का खतरा भी मंडरा रहा है।

हर दिन प्रथम तल पर आते हैं सैकड़ों यात्री : एमएफसी के प्रथम तल पर बिल्डर ने दुकानों का निर्माण करा दिया है लेकिन नक्शे के अनुसार, बिल्डिंग अभी अधूरी है लेकिन आरएलडीए ने निश्चित स्थान पर दुकानें खोलने की अनुमति दे दी है। यहां व्यापारियों ने दुकानदारी शुरू कर दी है। यहां सैंकड़ों की संख्या में दिन-रात यात्री भोजन करने आते हैं। ऐसे में नीचे पानी का सैलाब है और खतरा मंडरा रहा है।

कहीं दिल्ली का बेसमेंट न बन जाए एमएफसी

बीते दिनों दिल्ली के एक कोचिंग संस्थान में बारिश का पानी भरने के बाद उतरे करंट से विद्यार्थियों की मौत के बाद प्रदेश में भी बेसमेंट में ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए मुहिम चलाई जा रही है लेकिन एमएफसी की स्थिति देखकर दिल्ली जैसी घटना की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।

पानी में डूबा रेस्टोरेंट, करोड़ों का नुकसान

बिल्डिंग के सेमी बेसमेंट में कई रेस्टोरेंट हैं। रेस्टोंरेट संचालक पवन राय ने बताया कि उन्होंने 2016 में यहां 1400 वर्ग फीट में जमीन की लीज 43 साल के लिए ली है। उन्होंने 1.40 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। साथ ही रेस्टोरेंट में 40 लाख रुपये से फर्नीचर व अन्य काम कराए, लेकिन आज तक रेस्टोरेंट नहीं खुल सका है। आरोप है कि बिल्डर उन्हें बीते आठ साल से केवल भरोसा ही दे रहा है। बृहस्पतिवार को जब उन्होंने बिल्डिंग की हालत देखी तो आंखों से आंसू निकल पड़े। वहीं, शारदा राय ने बताया कि उन्होंने बच्चों के लिए अपने जेवर तक बेच दिए, लेकिन अब बिल्डर ने उन्हें दो राहे पर खड़ा कर दिया है।

एमएफसी वर्जन

बिल्डिंग और रेल भूमि आरएलडीए के अधिकार क्षेत्र में है। घटना के संबंध में आरएलडीए को सूचित कर जल्दी ही कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। – मनाेज कुमार सिंह, मंडल रेल जनसंपर्क अधिकारी, झांसी



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