
भादर में हड़ताल के बाद ट्रक खड़ी कर प्रदर्शन करते चालक।
अमेठी। नए नियम के तहत चालकों पर सजा व जुर्माने का प्रावधान होने के विरोध में रोडवेज बसों के चालकों ने सोमवार को हड़ताल की। नव वर्ष के पहले दिन रोडवेज बसों के साथ ही निजी बसें व अन्य टैक्सियों के चक्का जाम व प्रदर्शन से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गंतव्य तक जाने के लिए लोगों को मजबूरन अधिक किराया देना पड़ा। ऐसे मेें 23 हजार यात्रियों को दिक्कत हुई।
चालकों ने रोडवेज बस स्टैंड पर जाकर बसों का चक्का जाम कर दिया। डिपो के बाहर कोई भी बस रोड पर नहीं निकली। वहीं, जो बस डिपो से निकलकर मार्ग पर चली गई थी, उन्हें भी रास्ते में रोककर खड़ी कर दिया गया। अचानक हुए रोडवेज बसों के चक्का जाम से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं, अन्य निजी बसें व टैक्सियां भी बंद रहीं। जिसके चलते यात्री गंतव्य तक जाने के लिए परेशान रहे। स्थानीय डिपो में कुल 39 बसें संचालित हैं। अमेठी डिपो की बसों से प्रतिदिन करीब आठ हजार यात्री सफर करते हैं। जबकि निजी बसों व टैक्सियों को मिलाकर 15,000 से अधिक यात्री सफर करते हैं। ऐसे में सरकारी व निजी बसों वाले साधनों का संचालन ठप होने से करीब 23 हजार यात्री परेशान रहे।
इन रूटों पर रही दिक्कत
अमेठी डिपो की बसें प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, सुल्तानपुर, मऊ, शाहगंज, मुसाफिरखाना, लखनऊ, कानपुर, दिल्ली समेत अन्य स्थानों पर संचालित होती हैं। ऐसे में रोडवेज बसों का संचालन बंद होने से प्रतिदिन सफर करने वाले सरकारी व अन्य जरूरतमंद यात्री सोमवार को परेशान रहे।
संचालन को तैयार, नहीं है सुरक्षा व्यवस्था
परिवहन निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक काशी प्रसाद ने बताया कि ट्रक चालकों की यूनियन द्वारा हड़ताल किया गया है। चालक और परिचालक बसों को लेकर स्टेशन पर खड़े हैं। कहा कि सड़क पर सवारियां लेकर निकलने के बाद प्रदर्शनकारी यदि हिंसा करते हैं तो ऐसे में चालक परिचालक अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं। बसों में तोड़फोड़ से क्षति पहुंचती है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। इसी डर से चालक-परिचालक नहीं निकल रहे। कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए फोर्स की डिमांड की गई है, लेकिन अभी कोई निर्देश नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम को अधिकारियों से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बातचीत में यथा स्थिति से अवगत कराया गया।
ट्रकों के भी पहिए जाम, चालकों ने किया प्रदर्शन
भादर (अमेठी)। त्रिसुंडी स्थित आईओसीएल बॉटलिंग प्लांट के सभी चालक सोमवार से वाहनों को खड़ा करके हड़ताल पर चले गए। चालकों ने हाल ही में बनाए गए कानून का विरोध किया है। चालक संघ के जयप्रकाश यादव ने कहा कि जब तक कानून वापस नहीं लिया जाता है तब तक हड़ताल जारी रहेगी। आंदोलन में प्लांट के अरुण ,महेश, दीपक, शिव बहादुर, ओम प्रकाश, विनोद, कपिल, शिव मोहन आदि चालक मौजूद रहे।
वहीं, औद्योगिक क्षेत्र जगदीशपुर, टिकरिया, रामगंज, टिकरी समेत अन्य स्थानों पर चालकों की हड़ताल के चलते ट्रकों की लंबी कतार लगी रही। चक्का जाम होने के चलते कच्चे व तैयार माल के साथ अन्य सामानों को लाने और ले जाने के लिए परिवहन की समस्या गंभीर हो गई है।
सुल्तानपुर जाना है तो 100 रुपये लगेगा भाड़ा
अमेठी सिटी। जामो के राहुल व सुजीत को सुल्तानपुर जाना था। वे गौरीगंज के अस्थाई बस अड्डे पर काफी देर तक खड़े रहे। बाद में एक मैजिक आई। जब उससे सुल्तानपुर चलने को कहा तो ड्राइवर ने कहा कि 100 रुपये प्रति सवारी लगेगा, चलना है तो चलो। जबकि यहां से सुल्तानपुर का किराया महज 59 रुपए ही है। ऐसे में मजबूरन उनको सफर करना पड़ा।
कुशीताली निवासी मुन्नू अमेठी के रोडवेज बस स्टेशन पर मुसाफिरखाना जाने के लिए बस पकड़ने आए थे लेकिन, हड़ताल होने के चलते उन्हें बस नहीं मिली। वे काफी परेशान दिखे। अमेठी निवासी मुस्कान ने बताया कि उन्हें बहुत आवश्यक कार्य से मुसाफिरखाना जाना था। लेकिन यहां आए तो पता चला कि बसें नहीं चल रहीं हैं। निजी टैक्सी स्टैंड पर गए तो वहां भी टैक्सी नहीं मिली। ई-रिक्शा चालक मनमाना पैसे मांग रहे हैं। सौरभ तिवारी ने बताया कि उन्हें सुल्तानपुर इलाज करने के लिए जाना था। बस स्टेशन पर आए तो बसें खड़ीं मिलीं। लेकिन संचालित नहीं हुईं। टैक्सी स्टैंड पर गए तो उन्हें टैक्सी नहीं मिली। कहा कि मंगलवार को भी अगर हड़ताल रही तो उन्हें निजी वाहन बुक कर इलाज के लिए जाना पड़ेगा।
