
मलखान जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रखा रक्त
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अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल द्वारा लगाए गए कैंपों में 2378 ऐसे भी लोग रक्तदान कर गए जो हेपेटाइटिस-बी और सी के मरीज थे। डोनेट किए गए रक्त की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है। रक्तदाताओं में कई एचआईवी पॉजिटिव भी सामने आए हैं। अस्पताल प्रशासन द्वारा इन सभी लोगों को बता दिया है कि वह रोगी हैं और अपना इलाज कराए। इनमें से अधिकांश की उम्र 22 से 35 साल के करीब है।
जेएन मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में अक्तूबर 2022 से सितंबर 2024 तक हुए रक्तदान में 1628 यूनिट रक्त ऐसा निकला जो हेपेटाइटिस बी से संक्रमित था। वहीं, 600 लोगों के रक्त में हेपेटाइटिस सी मिला। इसी तरह मलखान सिंह जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में हुए रक्तदान में इसी समयावधि में करीब 150 लोगों के रक्त में हेपेटाइटिस बी और सी मिला। इन सभी को ब्लड बैंक की तरफ से फोन कर तत्काल उपचार लेने की सलाह दी गई है।
रक्तदान वाले रक्तदाताओं को जांच रिपोर्ट से अवगत कराया जाता है, ताकि वह समय से अपनी बीमारियों का उपचार करा सकें। जो रक्त शुद्ध होता है, उसका प्रयोग होता है। बाकी को नियमानुसार निस्तारित कर दिया जाता है। हेपेटाइटिस के मामले औसतन कम आते हैं।-नीरज त्यागी, सीएमओ, अलीगढ़
जेएन मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक प्रभारी प्रोफेसर जसीम हसन ने कहा है कि रक्तदाता से जो रक्त लिया जाता है, उसकी जांच की जाती है। अगर उसमें हेपेटाइटिस या अन्य कोेई गंभीर बीमारी के लक्षण पाए जाते हैं तो इसकी जानकारी मरीजों को देकर उन्हें सजग किया जाता है। ऐसे रक्त का प्रयोग नहीं किया जाता है।-प्रोफेसर जसीम हसन, ब्लड बैंक प्रभारी, जेएन मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़
