सुलह-समझौते के बाद साथ रहने को राजी हुए सात दंपती

संवाद न्यूज एजेंसी

श्रावस्ती। दीवानी न्यायालय परिसर सहित कलेक्ट्रेट और तहसीलों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इस दौरान यहां 2,513 मामलों का निस्तारण हुआ। वहीं सुलह-समझौते के बाद सात दंपती एकसाथ रहने को राजी हुए। सातों दंपती प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय फूलचंद पटेल के समक्ष एक-दूसरे को माला पहना कर घर रवाना हुए।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत की शुरुआत जिला जज देवेंद्र सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर की। इस दौरान प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय ने पारिवारिक मामलों से संबंधित आठ तथा मेंटेनेंस से संबंधित 13 वाद निस्तारित किए। एडीजे अमित कुमार प्रजापति ने चार एफआर के मामले व इलेक्ट्रिसिटी बिल के पांच मामले निस्तारित कर दस हजार का जुर्माना किया। एडीजे अश्विनी गौतम ने क्रिमिनल का एक वाद व एडीजे निर्दोश कुमार ने क्रिमिनल के दो वाद निस्तारित कर पांच हजार रुपये जुर्माना किया। सीजेएम सारिब अली ने लघु फौजदारी के 760 वाद निस्तारित कर 1,56,000 रुपये जुर्माना किया। सिविल जज प्रवर खंड विश्वजीत सिंह ने आठ मामले निस्तारित कर 3,500 रुपये तथा सिविल के सात व चालानी के 35 मामले निस्तारित कर 10,400 रुपये जुर्माना किया। सिविल जज देवर्षि देव कुमार ने सिविल के 199 वाद निस्तारित कर 4,710 रुपये जुर्माना वसूल किया। विभिन्न राजस्व न्यायालयों ने 427 वाद, रेवेन्यू से संबंधित 507 मामले निस्तारित कर 1,44,310 रुपये पर समझौता किया। प्री लिटिगेशन के 447 मामले निस्तारित कर 97,53,045 रुपये पर समझौता किया गया। इलेक्ट्रिसिटी के 85 वाद निस्तारित कर 3,15,000 रुपये वसूल किए गए। वहीं अन्य 1,810 वाद निस्तारित कर 2,81,315 रुपये पर समझौता किया गया। साथ ही पांच पेंशन, तीन उपभोक्ता फोरम, पांच बीएसएनएल के वाद निस्तारित कर 10,112 रुपये जुर्माना वसूला गया।



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