प्रशासन ने सर्वे कराकर बनाई व्यवस्था

अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। शनिवार को जिले के 2801 किसानों को उनकी खराब फसलों का मुआवजा दिया गया। जबकि, अभी लगभग दस हजार किसानों को यह और दिया जाना है। यह मुआवजा पिछले दो सालों से लंबित चल रहा था। प्रशासन की ओर से सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा देने की व्यवस्था बनाई।

वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 में अतिवृष्टि की वजह से खरीफ की फसलों को खासा नुकसान पहुंचा था। प्रशासन ने खराब फसलों का सर्वे कराया था। इसके लिए मुआवजा भी निर्धारित किया गया था। लेकिन, तकनीकी खामी की वजह से यह लगभग तेरह हजार पीड़ित किसानों के खातों में नहीं पहुंच पाया था। रिकॉर्ड में किसी किसान के बैंक का आईएफएससी कोड गलत दर्ज था, तो किसी के नाम का मिलान नहीं हो रहा था। इसके अलावा अन्य कमियां भी सामने आईं थीं। लेकिन, अब प्रशासन की ओर से दुबारा सर्वे कराकर इन कमियों को दूर कर लिया गया है। इसी के तहत शनिवार को 2801 किसानों के खाते में एक करोड़ चौंतीस लाख रुपये की धनराशि भेजी गई। इसके अलावा लगभग दस हजार किसानों को और यह मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। इसकी तैयारी कर ली गईं हैं।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वरुण कुमार पांडेय ने बताया कि खरीफ की खराब हुई फसलों का लंबित मुआवजा किसानों को दिया जाने लगा है। जल्द ही सभी पीड़ित किसानों के खाते में मुआवजा राशि भेज दी जाएगी। इसकी शुरुआत शनिवार से कर दी गई है।



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