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उत्तर प्रदेश के आगरा में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद भी दरोगा, मुंशी और सिपाहियों का भ्रष्टाचार नहीं रुका। पासपोर्ट सत्यापन से लेकर मुकदमों की विवेचना में भ्रष्टाचार और न्यायिक व सरकारी कार्यों में लापरवाही पर पुलिस कमिश्नर जे रविन्दर गौड पर बुधवार को डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने सात दरोगा, छह मुंशी और 22 सिपाहियों को निलंबित किया है।
पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के 19 महीने में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। पुलिस कमिश्नर तक शहर के 9 थाना क्षेत्रों में तैनात दरोगा, मुंशी और सिपाहियों की शिकायतें पहुंची थीं। पुलिस कमिश्नर ने फीडबैक सेल से शिकायतों की जांच कराई। जांच में 30 पुलिसकर्मियों की कलई खुल गई। नवंबर 2022 में आगरा में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू की गई थी।
