संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सहरिया जाति के लोगों का पलायन रोकने के लिए 36 राजस्व गांवों का चयन किया गया है। वर्तमान में सिर्फ दो विकास खंड के राजस्व ग्राम शामिल किए गए हैं। इन गांवों की सहरिया बस्ती में सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।
सहरिया आदिवासी बाहुल्य इलाकों में पलायन रोकने के लिए प्रधानमंत्री उन्नत ग्राम अभियान चलाया जा रहा है। इन गांवों की सहरिया बस्ती में सभी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शासन ने दो विकास खंड के गांवों का चयन किया है, जिसमें सभी 19 योजनाओं का संचालन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास, पेयजल संयोजन, विद्युत संयोजन, सौर ऊर्जा प्लांट, आयुष्मान कार्ड योजना, उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन, आंगनबाड़ी केंद्र, हॉस्टल निर्माण, शिक्षा अभियान, नेटवर्क कनेक्टिविटी, कौशल विकास, कृषि जागरुकता, मत्स्य पालन की योजना, पशुपालन विभाग की योजनाएं, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना, पर्यटन विकास योजनाओं के लाभ इन गांवों में दिलाए जाएंगे।
ये ग्राम हुए शामिल : इस योजना के तहत जिन गांवों को चयनित किया गया है, उनमें विकास खंड बिरधा के ग्राम बंदरगुढ़ा, कुचदौं, सैपुरा, धौजरी, विकास खंड मड़ावरा के ग्राम सौलदा, बागोनी, गौना, बनयाना, डोंगराकलां, नाराहट, दिगवार, दौलतपुर, पटना मड़ावरा, पारौल, गौरा कलां, पिसनारी, दांगली, विघई, गिदवाहा, बलना, नादारी, गिरार, बुढ़वार, धौरीसागर, जेतूपुरा, कुर्रट, सिनौरी, जालंधर, परसाटा, गौराखुर्द, पिसनारी, मदनपुर, दारूतला, दिनौनियां, अमोदा, ठनगना आदि शामिल हैं। इन गांवों के 2917 परिवारों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।
तीन बिंदुओं पर कार्य प्रारंभ : प्रभारी परियोजना निदेशक राजेश बघेल ने बताया कि विभाग सहरिया बस्तियों में तीन बिंदुओं पर कार्य करेगा। सहरिया बस्ती के ऐसे घर, जहां विद्युत संयोजन नहीं है, वहां निशुल्क सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित किया जाएगा। 20 से 25 मकानों के बीच में सोलर स्ट्रीट लाइट, पचास आवास वाली बस्ती में हाईमास्ट सोलर लाइट लगाए जाएगी। सहरिया बस्ती में स्थित सरकारी भवनों पर ऑफ ग्रेड सोलर प्लांट लगाया जाएगा।
प्रधानमंत्री जनजातीय ग्राम उन्नत योजना के तहत दो विकास खंडों के 36 गांवों का चयन किया गया है। इन सभी गांवों में सभी सरकारी योजनाओं का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
केके पांडे, मुख्य विकास अधिकारी।
