संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 06 Jan 2024 11:57 PM IST
कासगंज। वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का सपना भले ही देखा जा रहा हो, लेकिन जिले में टीबी की बीमारी पर अंकुश लगना तो दूर की बात है, इसके उलट मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। एक साल में टीबी से पीड़ित 4300 लोग चिन्हित हुए हैं। यह संख्या छह साल में जिले में चिन्हित टीबी मरीजों में सबसे अधिक हैं। कहावत है कि ज्यों-ज्यों दवा दी, मर्ज बढ़ता गया। यह कहावत जिले में टीबी रोग के बारे में पूरी तरह से सही साबित हो रही है। शासन से टीबी को जड़ से समाप्त करने के लिए जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उसे पूरा होने में मात्र एक साल का ही समय शेष रह गया है। शासन से टीबी मरीजों को पोषित करने के लिए निक्षय पोषण योजना भी चलाई जा रही है। इस योजना के तहत 500 रुपये प्रतिमाह मरीज को छह माह तक दिए जाते हैं। इसके साथ ही शासन से मरीजों को गोद लेने के भी प्रावधान हैं। अधिकारी मरीजों को गोद लेकर उनका पोषण करते हैं। निक्षय मित्र योजना के माध्यम से भी मरीजों को गोद लिया जा रहा है। टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अब हर माह की 15 तारीख को निक्षय दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इन सभी व्यवस्थाओं के बाद मरीजों की संख्या में गिरावट आने की जगह तेजी से उछाल आ रहा है। जिले में मरीजों की संख्या के पांच साल के आंकड़े भी इस बात की गवाही दे रहे हैं। वर्ष 2022 में मरीजों की संख्या में तेजी से उछाल देखा गया। वर्ष 2022 के सापेक्ष 2023 में 537 अधिक मरीज चिन्हित हुए। जिले में लगातार मिल रहे टीबी मरीजों से वर्ष 2025 तक इस बीमारी को जड़ से समाप्त करना किसी चुनौती से कम नजर नहीं आ रहा।
