अमेठी सिटी। जिले में साधन संपन्न लोग ही गरीबों का राशन हजम कर गए। इसका खुलासा पूर्ति विभाग की ई केवाईसी की जांच में हुआ। जांच में 5,020 ऐसे आयकर दाताओं के नाम सामने आए हैं, जो लंबे समय से मुफ्त राशन योजना का लाभ ले रहे हैं।
शासन ने इन आयकर दाताओं की सूची पूर्ति विभाग को भेजी तो हड़कंप मच गया। पूर्ति विभाग ने ऐसे लोगों का स्थलीय सत्यापन शुरू कर दिया है। विभागीय जांच में यदि सही निकला तो कार्रवाई कर कार्ड निरस्त किए जाएंगे।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिले में संचालित 765 कोटे की दुकानों से 70,249 अंत्योदय कार्डधारकों के 2,53,289 सदस्यों को प्रति माह 35 किलोग्राम राशन मुफ्त मिलता है। इसी तरह 2,75,546 पात्र गृहस्थी कार्डधारकों के 1,20,899 सदस्यों को प्रति माह पांच किलोग्राम राशन मुफ्त मिलता है। निशुल्क राशन का लाभ लेने के लिए तमाम लोगों ने नियमों को दरकिनार कर राशन कार्ड बनवा लिया हैं।
कई पात्र परिवार कार्ड बनवाने के लिए परेशान हैं, वहीं अपात्र मुफ्त राशन योजना का लाभ ले रहे हैं। पिछले दिनों शासन ने राशन कार्डधारकों के परिवार में शामिल सभी सदस्यों की ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी थी। ई-केवाईसी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां मिल रही हैं।
अब तक आधार कार्ड व पैनकार्ड के मिलान में 5,020 ऐसे लोगों का नाम प्रकाश में आया है, जो आयकर दाता हैं। शासन ने पूर्ति विभाग को सूची भेजते हुए स्थलीय सत्यापन कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विभाग सत्यापन कर पात्रता नियमों की जांच करने में जुटा है। जांच में मुफ्त राशन का लाभ लेने वाले आयकर दाता मिलेंगे तो विभाग उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा। साथ ही उनका राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा।
पात्रों के नहीं बने कार्ड
जिले में तमाम पात्रों का अब तक राशन कार्ड नहीं बना है। राशन कार्ड नहीं बनने से पात्रों को मुफ्त राशन नहीं मिल पा रहा है। ऐसे लोग राशन कार्ड बनवाने के लिए विभाग में संपर्क करते हैं। विभाग उन्हें लक्ष्य पूरा होने का हवाला देकर लौटा देता है। बीच-बीच में अपात्रों के राशन कार्ड निरस्त होने के बाद उनके स्थान पर पात्रों के राशन कार्ड बनाए भी जाते हैंं।
कैसे बन गए अपात्रों के कार्ड
राशनकार्ड बनवाने के लिए आय सीमा निर्धारित है। शहर के लिए तीन लाख और ग्रामीण क्षेत्र के लिए दो लाख रुपये वार्षिक निर्धारित की गई है। आय प्रमाणपत्र तहसील से जारी होता है। आवेदन के बाद जांच का भी प्रावधान है। इतनी जटिल प्रक्रिया के बाद भी अपात्रों के राशनकार्ड कैसे बन जाते हैं। यह बड़ा सवाल है।
कार्ड निरस्त कर कार्रवाई की जाएगी
शासन से मुफ्त राशन लेने वाले आयकर दाताओं की सूची मिली है। सभी का सत्यापन कराया जाएगा। संबंधित लोगों के राशन कार्ड निरस्त करने के साथ ही मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। -नीलेश उत्पल, जिला पूर्ति अधिकारी
