अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों को खुले हुए एक माह से अधिक समय गुजर चुका है। बावजूद, विद्यालयों में अध्ययनरत 59 हजार बच्चों की यूनिफार्म और अन्य सामग्री की खरीद के लिए पैसा नहीं आया है, जिससे वे मायूस हैं। विभाग का कहना है कि जल्द यह राशि डीबीटी के माध्यम से बच्चों के अभिभावकों के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। शासन स्तर पर इसकी प्रक्रिया जारी है।
बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें विद्यालय में ही उपलब्ध कराई जाती हैं। जबकि, दो जोड़ी यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, बैग व कॉपियों की खरीद के लिए प्रत्येक बच्चे को 1200 रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। यह राशि बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है। ग्रीष्मावकाश के बाद 28 जून को बेसिक के स्कूलों में पठन-पाठन प्रारंभ हुआ था। शुरुआत में 58 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में 1200-1200 रुपये भेजे गए थे, जबकि 59,279 बच्चे इस राशि के आने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि वे भी अन्य बच्चों की तरह नई यूनिफार्म पहनकर स्कूल जा सकें।
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किताबों का भी है इंतजार
नए शिक्षण सत्र को शुरू हुए एक माह से अधिक गुजर चुका है। बावजूद, बेसिक के विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा एक और दो के बच्चों को अब तक पाठ्य पुस्तकें नहीं मिल पाईं हैं। यह हालत तब है जब बेसिक के स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार घट रही है। स्थिति का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इस सत्र में जिले के 139 विद्यालयों की पहली कक्षा में एक भी प्रवेश नहीं हो पाया। इसी तरह 19 स्कूलों की छठवीं में भी एक भी प्रवेश नहीं हुआ है।
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यूनिफॉर्म आदि सामग्री की खरीद के लिए डीबीटी के माध्यम से अलग-अलग बैचों में बजट आवंटित किया जाता है। पहले बैच में 58 हजार बच्चों का पैसा आ गया है। बाकी का भी जल्द आ जाएगा। इसकी प्रक्रिया लगातार जारी है। – विपुल शिवसागर, बेसिक शिक्षा अधिकारी
