69000 teacher recruitment case: CM could not meet reserved candidates, now eyes on court

69000 शिक्षक भर्ती मामला
– फोटो : amar ujala

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69000 शिक्षक भर्ती में इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच के आदेश के अनुपालन के लिए आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की शनिवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात प्रस्तावित थी। किंतु कतिपय कारणों से यह मुलाकात नहीं हो सकी। अब आरक्षित व अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों व चयनितों की निगाहें सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिक गई हैं।

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अभ्यर्थियों का नेतृत्व करने वाले अमरेंद्र पटेल ने कहा कि मंत्री ओपी राजभर के कार्यालय व जिला प्रशासन की ओर से उनकी सीएम से मुलाकात की बात कही गई थी। किंतु आज वह देर शाम तक इंतजार करते रहे लेकिन इस पर कोई जानकारी उन्हें नहीं दी जा सकी। ऐसे में वह इंतजार ही करते रह गए। जबकि सीएम से मुलाकात को लेकर अभ्यर्थियों में काफी उम्मीद थी।

दूसरी तरफ अब दोनों वर्ग के अभ्यर्थियों की निगाह सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। चयनित शिक्षकों व अनारक्षित वर्ग की ओर से दाखिल याचिकाओं पर सोमवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ सुनवाई करेगी। वहीं आरक्षित वर्ग की ओर से पहले ही इस मामले में कैविएट दाखिल किया जा चुका है। बता दें कि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद उसे लागू करने के लिए लगातार आंदोलन व मंत्रियों के आवास का घेराव कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 9 को

69000 शिक्षक भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी सेवा सुरक्षा आदि को लेकर रिट दायर की थी। रवि सक्सेना आदि की इस रिट पर 9 सितंबर को चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ सुनवाई करेगी। अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थी विनय पांडेय ने बताया कि इस मामले में कई रिट हुई हैं। उम्मीद है कि सभी पर एक साथ 9 सितंबर को सुनवाई होगी। इसमें एक ही भर्ती में कई बार आरक्षण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा।



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