झांसी। तमाम कवायदों के बाद भी उपभोक्ताओं को बिजली के सही बिल मुहैया नहीं हो पा रहे हैं। वर्तमान में 7997 उपभोक्ताओं के बिल आईडीएफ यानी कि मीटर खराब के रूप में प्राप्त हो रहे हैं। बिल गलत होने के चलते उपभोक्ता इसे सुधरवाने के लिए उप खंड कार्यालयों के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं।
विभागीयकर्मियों की लापरवाही के कारण उपभोक्ता गलत बिल और खराब मीटर की दोहरी समस्या से जूझ रहे हैं। झांसी मंडल के तीनों जनपद उरई, ललितपुर और झांसी में 7,997 उपभोक्ताओं को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र उरई हैं, जहां 3,861 उपभोक्ता अव्यवस्था के शिकार हैं। इन खराब मीटरों में सर्वाधिक मामले नो-डिस्प्ले, टीपी स्पार्किंग, जले हुए और डिस्प्ले डिफेक्टिव मीटर के हैं। मुख्य अभियंता केपी खान ने बताया कि आईडीएफ मीटरों को बदला जा रहा है। जिन उपभोक्ताओं के बिल गलत हैं, उनको सुधारकर सही किया जा रहा है।
कहां कितने आईडीएफ उपभोक्ता
क्षेत्र आईडीएफ
झांसी नगर 82
झांसी ग्रामीण 1,070
ललितपुर 2,984
उरई 3,861
मीटर रीडरों की कारस्तानी का दंश झेल रहे उपभोक्ता
घर-घर बिल बनाने का कार्य अभी तक मीटर रीडरों के जिम्मे है। वे घर के बाहर लगे मीटर में रीडिंग लेकर बिल बनाते हैं लेकिन कुछ मीटर रीडर इसमें कारस्तानी कर रहे हैं। वह या तो घर बैठकर ही बिल बना दे रहे हैं या फिर गलत रीडिंग डाल दे रहे हैं। इससे उपभोक्ता का बिल गलत बन रहा है। कुछ मामलों में बिल में लोड अधिक दिखाया जा रहा है। ऐसे में मीटर रीडरों की इन गड़बड़ियों का दंश उपभोक्ताओं को गलत बिल के रूप में भोगना पड़ रहा है।
बॉक्स में –
बिल संशोधन में इस तरह की हैं शिकायतें
– गलत रीडिंग, मीटर के सापेक्ष बिजली बिल में अधिक खपत
– बगैर मीटर के अंदाज से बिल बनाना, मीटर रीडिंग का जंप होना
मीटर नो-डिस्प्ले होना या जल जाना
