Muzaffarnagar पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने ऑनलाइन धोखाधड़ी के ज़रिए देशभर में फैले लोगों से 80 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दिया। यह गिरोह आधुनिक साइबर तकनीकों, फर्जी बैंकिंग नेटवर्क और भोले-भाले लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर एक संगठित अपराध तंत्र चला रहा था।

यह कार्रवाई बुढाना क्षेत्र में की गई, जिसने यह स्पष्ट कर दिया कि अब साइबर अपराध सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि कस्बों और ग्रामीण इलाकों को भी अपने नेटवर्क में शामिल कर चुके हैं।


फुगाना Muzaffarnagar पुलिस और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई

Budhana cyber fraud गिरोह के खिलाफ यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी बुढाना की निगरानी में की गई। फुगाना थाना प्रभारी और साइबर क्राइम टीम ने कई दिनों तक तकनीकी और जमीनी स्तर पर जांच के बाद इस गिरोह को चिन्हित किया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले की जांच भारत सरकार के गृह मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल “प्रतिबिंब” पर दर्ज शिकायतों से शुरू हुई थी। शिकायतों के विश्लेषण में यह सामने आया कि ठगी में इस्तेमाल किए गए कई मोबाइल नंबर और बैंक खाते मुजफ्फरनगर जनपद में सक्रिय थे।


80 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी, देश-विदेश तक नेटवर्क

Budhana cyber fraud गिरोह का नेटवर्क सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं था। जांच में सामने आया कि यह गिरोह देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों में बैठे साइबर अपराधियों के संपर्क में था। ठगी की रकम पहले स्थानीय खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी और फिर उसे आगे कई स्तरों पर घुमाया जाता था, ताकि ट्रैक करना मुश्किल हो जाए।

पुलिस के अनुसार अब तक 85 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी से जुड़ी लगभग 70 शिकायतें सामने आ चुकी हैं। इनमें से करीब 60 लाख रुपये सीधे उन खातों में पहुंचे, जिन्हें गिरफ्तार आरोपियों द्वारा संचालित या उपलब्ध कराया गया था।


6 शातिर गिरफ्तार, 2 फरार

Budhana cyber fraud मामले में पुलिस ने गिरोह के 6 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी मौके से फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार की गई:

  • अक्षय पुत्र ऋषिपाल – निवासी फुगाना

  • हर्ष आर्य पुत्र विकास कुमार – निवासी सिकंदरपुर

  • भव्यांश पुत्र गौरव – निवासी बेलड़ा

  • सचिन पुत्र समयप्रकाश – निवासी नंदग्राम, गाजियाबाद

  • हरेन्द्र पुत्र योगेंद्र – निवासी तुगलकपुर, हरिद्वार

  • आर्यन पुत्र दीपक चौधरी – निवासी गांधीनगर, नई मंडी

फरार आरोपियों में राजा (करौदा महाजन, फुगाना) और अनुराग (गाजियाबाद) शामिल हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।


भारी मात्रा में डिजिटल और बैंकिंग उपकरण बरामद

Budhana cyber fraud गिरोह के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है, जो इस संगठित साइबर अपराध की गंभीरता को दर्शाती है। बरामद सामान में शामिल हैं:

  • 9 मोबाइल फोन

  • 12 एटीएम कार्ड

  • 13 सिम कार्ड

  • 2 आधार कार्ड और 1 पैन कार्ड

  • 2 चेक बुक और 1 पासबुक

  • 7 बैंकों की प्री-एक्टिवेटेड किट

  • की-बोर्ड, माउस, वाई-फाई राउटर

  • मॉनिटर, सीपीयू, प्रिंटर

  • 5610 रुपये नकद

यह बरामदगी साफ संकेत देती है कि गिरोह ठगी को पूरी तरह प्रोफेशनल तरीके से अंजाम दे रहा था।


ऐसे चलता था साइबर ठगी का खेल

पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे सीधे लोगों से ठगी नहीं करते थे। Budhana cyber fraud गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों से उनके बैंक खाते, सिम कार्ड और एटीएम कार्ड किराये पर लेते थे।

इन खातों का इस्तेमाल देश-विदेश में बैठे साइबर अपराधी करते थे। ठगी की रकम पहले इन खातों में आती थी, फिर फर्जी हस्ताक्षर कर एटीएम से नकदी निकाली जाती थी या रकम आगे ट्रांसफर कर दी जाती थी। गिरोह इस पूरी प्रक्रिया में कमीशन के रूप में एक हिस्सा अपने पास रखता था।


पिछले दो महीनों में 30 लाख का लेन-देन

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी पिछले दो महीनों में ही लगभग 30 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन में सीधे तौर पर शामिल रहे हैं। जांच आगे बढ़ने पर यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

Budhana cyber fraud केस में पुलिस अब नेटवर्क की पूरी चेन को खंगालने में जुटी है, ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य सहयोगियों और मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके।


साइबर अपराध पर पुलिस का सख्त संदेश

इस कार्रवाई के बाद पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। चाहे अपराधी किसी भी राज्य या क्षेत्र से जुड़े हों, तकनीकी और कानूनी दोनों स्तरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे किसी को भी अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या सिम कार्ड उपयोग के लिए न दें, क्योंकि ऐसा करना उन्हें भी कानूनी पचड़े में डाल सकता है।


Budhana cyber fraud गिरोह का भंडाफोड़ यह साबित करता है कि साइबर अपराध अब बेहद संगठित और तकनीकी हो चुके हैं। फुगाना पुलिस और साइबर क्राइम टीम की यह कार्रवाई न सिर्फ 80 करोड़ की ठगी के नेटवर्क को उजागर करती है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी एक चेतावनी है कि डिजिटल लेन-देन में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

 



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