संवाद न्यूज एजेंसी

झांसी। न्यायालय ने 58 दिन में कुल 160 वादों को निस्तारित किया गया। इनमें न्यायालय ने 89 दंपतियों का घर टूटने से बचाया और दोनों की बीच के गिले-शिकवे दूर कर उनका पुनर्मिलन कराया। 71 विभिन्न मामलों में सुलह कराई। न्यायालयों में छोटे वाद के कारण संवेदनशील वादों की सुनवाई करने में अड़चनें आ रहीं थीं।

ऐसे मामलों को जिला विधिक सेवा प्राधिकारण द्वारा चिह्नित किया जा रहा है। एक जुलाई से अब तक 160 ऐसे मामले सामने आए, जिनमें सुलह की गुंजाइश थी। ऐसे मामलों में दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी काउंसलिंग कर उनकी सहमति पर वाद को निस्तारित किया। इनमें सबसे ज्यादा पारिवारिक और घरेलू वाद हैं। ऐसे वादों में दंपति की काउंसलिंग करने के साथ ही दोनों के उजड़ते घर को दोबारा बसाने का मौका दिया। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व न्यायाधीश शरद कुमार चौधरी ने बताया कि यह अभियान 30 सितंबर तक चलेगा।

दो वादों में हुआ समझौता

कोर्ट में दंपती ने पति के ऊपर तो पति ने पत्नी के ऊपर वाद दायर किया था। दोनों के मामलों में समझौते की आशा नजर आई। इस पर मध्यस्थ अधिकारी शब्बीर खान ने दोनों की काउंसलिंग करने के बाद दोनों को साथ रहने के लिए राजी किया। इस पर दोनों ने सहमति जताते हुए वाद को निस्तारित कराए जाने का निर्णय लिया।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *