संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जीएसटी विभाग ने अपने बकायेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए एमनेस्टी योजना की शुरुआत की है। इसमें 31 मार्च तक ब्याज और अर्थदंड में छूट दी गई है लेकिन झांसी संभाग के बकायेदार व्यापारियों ने योजना के प्रति कुछ खास रुचि नहीं दिखाई। यही वजह है कि एक जनवरी से अब तक मात्र 35.24 फीसदी व्यापारियों ने ही लाभ लिया। उन्हें ब्याज व जुर्माने के रूप में 10.11 करोड़ रुपये की छूट मिली।
शुरुआती सालों में रिटर्न दाखिल करने में हुई गलतियों को माफ करने के लिए विभाग की तरफ से एमनेस्टी योजना चलाई जा रही है। गलतियों के साथ ब्याज और अर्थदंड भी माफ होगा। इस योजना में झांसी संभाग के 2812 कारोबारी है, जिन पर 30.40 करोड़ का टैक्स बकाया है। इसमें 27.61 करोड़ ब्याज व 7.49 करोड़ रुपये अर्थदंड शामिल है। अब कारोबारियों को 31 मार्च तक महज टैक्स जमा करना होगा। हालांकि इसके बाद कारोबारियों को ब्याज और अर्थदंड की माफी का लाभ नहीं मिलेगा। इस योजना का लाभ लेते हुए अब तक 991 व्यापारियों ने 5.55 करोड़ जमा कर 7.45 करोड़ ब्याज और 2.66 करोड़ रुपये जुर्माने से मुक्ति पा ली है। डिप्टी कमिश्नर ने व्यापारियों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील है।
क्या है एमनेस्टी योजना
एमनेस्टी योजना कारोबारियों को जीएसटी मामलों में ब्याज और जुर्माने से राहत दे रही है। इस योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 और2019-20 के मामलों में राहत मिलेगी। इन तीन वित्त वर्षों के मामलों को एमनेस्टी योजना में लाने से कारोबारियों को केवल टैक्स देना पड़ेगा। ब्याज व पेनाल्टी से छूट मिल जाएगी।
अधिकारियों पर निलंबन की तलवार, नौकरी के लिए खतरा बनी योजना
प्रत्येक अधिकारी को रोजाना पांच व्यापारियों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है। शासन ने लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साफ कहा गया है कि हर हाल में लक्ष्यपूर्ति करना है। इसे पूरा न करने वाले अधिकारी का नाम निलंबन के लिए भेज दिया जाएगा।
जीएसटी बकायेदारों के लिए विभाग की ओर से एमनेस्टी योजना शुरू की गई है। इस श्रेणी में झांसी संभाग के 2812 कारोबारी शामिल है, लेकिन अब तक केवल 991 ने ही इसका लाभ लिया है। अभी 8 दिन शेष हैं। व्यापारी योजना में अपना टैक्स जमाकर ब्याज और पेनाल्टी से मुक्ति पा सकते हैं। – धीरेेंद्र प्रताप, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1, जीएसटी, झांसी
