झांसी। एक निजी स्कूल में पढ़ने वाली 9वीं की छात्रा को परिजनों ने मोबाइल गेम खेलने से रोका तो उसने घर ही छोड़ दिया। बांदा जिले के एक गांव से वह ट्रेन से झांसी आ पहुंची। उसे जीआरपी ने पकड़कर बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। समझाने के बाद परिजनों को बुलाकर उनके सुपुर्द किया। समिति के अध्यक्ष व सदस्यों द्वारा की गई काउंसिलिंग में उसने बताया कि वह मोबाइल पर गेम खेल रही थी। इस दौरान मां ने टोका तो वह घर से भाग आई। उसे समझाया कि अगर तुम गलत हाथों में पड़ गई तो भविष्य चौपट हो जाएगा।
वहीं, एक अन्य मामले में गुटखा खाने वाले आठवीं के छात्र को शिक्षक ने बुलाया तो कटेरा क्षेत्र का रहने वाला छात्र घर से भाग निकला। पूछताछ में उसने बताया कि वह मऊरानीपुर स्टेशन से ट्रेन में चढ़ा था। इससे पहले ट्रेन के लिए 8 किलोमीटर पैदल चला। झांसी स्टेशन पहुंचने पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने बताया कि किशोरी व बालक को समझाने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
