चकरनगर। हनुमंतपुरा बिजली घर के पास शुक्रवार सुबह एचटी लाइन का तार टूटकर खेत में गिर गया। देखते ही देखते अरहर के खेत में आग लग गई। आंखों के सामने मेहनत की कमाई को लपटों की चपेट में देख किसान पिता-पुत्र आग बुझाने के प्रयास में जुट गए। इसी दौरान उन दोनों के पैर टूटे तार पर पड़ गए और उनके मुंह से चीख निकल पड़ी। करंट लगने से बेटे की मौके पर ही मौत हो गई जबकि पिता जिला अस्पताल में जिंदगी मौत से संघर्ष कर रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे ब्लॉक के सहसों गांव निवासी किसान हरविलास यादव (60) अपने बेटे राघवेंद्र सिंह (28) के साथ हनुमंतपुरा चौराहे के पास खेत पर गेहूं की फसल काटने गए थे। इस दौरान राहगीरों ने सूचना दी कि तार टूटने से उनके अरहर के खेत में आग लग गई है। सूचना मिलते ही दोनों टेंपो से दूसरे खेत पर पहुंचे। आग बुझाने के लिए खेत में दौड़ पड़े। खेत के चारों ओर जंगली जानवरों से बचाव के लिए लगाए गए तार में 11 हजार लाइन का टूटा हुआ तार पड़ा था जिसमें करंट दौड़ रहा था।
जैसे ही हरविलास का पैर उस तार से छुआ, वह करंट की चपेट में आ गए। पिता को बचाने दौड़े बेटे राघवेंद्र भी करंट की चपेट में आ गए। दोनों गंभीर रूप से झुलसकर गिर पड़े। घटना देख आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और आनन-फानन में दोनों को बकेवर के 50 शय्या अस्पताल ले जाया गया। वहां इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ रविंद्र साहू ने राघवेंद्र को मृत घोषित कर दिया, जबकि हरविलास की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
सूचना पर एसडीएम ब्रह्मानंद कठेरिया और सीओ अवनीश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और जांच की। एसडीएम ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया है। आग से हरविलास की करीब डेढ़ बीघा अरहर की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। वहीं, हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक राघवेंद्र अपने पीछे पत्नी व दो बच्चों को रोता-बिलखता छोड़ गया है। वहीं, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
