{“_id”:”66e4ac940591f4850309d524″,”slug”:”a-culvert-will-be-built-on-the-minor-villagers-of-two-villages-will-benefit-orai-news-c-224-1-ka11004-119655-2024-09-14″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: माइनर पर बनेगी पुलिया, दो गांवों के ग्रामीणों का फायदा”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
जालौन। हीरापुर माइनर के एक ओर कुंठौंदा बुजुर्ग व दूसरी ओर हीरापुर गांव है। इस माइनर से होकर निकले चकरोड पर पुलिया ने होने से ग्रामीणों को घूमकर अपने खेतों तक जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने माइनर पर पुलिया बनवाने की मांग बेतवा नहर प्रखंड के अधिशासी अभियंता से की थी। अधिशासी अभियंता ने उच्चाधिकारियों से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए पुलिया की ड्राइंग व डिजायन उपलब्ध कराने के लिए बीडीओ को पत्र लिखा है।
कुठौंदा बुजुर्ग व हीरापुर गांव के निवासी गजेंद्र सिंह सेंगर, अमित, राहुल, विकास, जितेंद्र आदि ने बताया कि हीरापुर से कुठौंदा बुजुर्ग गांव के बीच चकरोड निकला है। इस चकरोड के बीच में हीरापुर माइनर है। हीरापुर माइनर पर पुलिया न होने से दोनों ही गांव के किसान परेशान हैं। बताया कि कुठौंदा बुजुर्ग के कुछ किसानों के खेत हीरापुर मौजा में हैं और हीरापुर गांव के कुछ किसानों के खेत कुठौंदा बजुर्ग मौजा में हैं।
ऐसे में दोनों ही गांवों के किसानों को खेती किसानी के काम से इधर-उधर जाना पड़ता है। चकरोड पर पुलिया न होने से अभी किसानों को काफी चक्कर लगाकर अपने खेतों तक पहुंचना पड़ता है। यदि इस चकरोड पर पुलिया का निर्माण करा दिया जाता है तो किसानों को लाभ होगा। इसके लिए उन्होंने बेतवा नहर प्रखंड के अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखा था। जिस पर पुलिया निर्माण की रूपरेखा बनाई जा रही है।
अधिशासी अभियंता धर्मघोष ने बताया कि पुलिया निर्माण के लिए सर्वे कर लिया गया है। माइनर के किमी संख्या 0.938 पर पुलिया बनाया जाना प्रस्तावित है। इसकी लंबाई, गहराई आदि की जांच कर ली गई है। उच्चाधिकारियों से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए पुलिया की ड्राइंग व डिजाइन उपलब्ध कराने के लिए बीडीओ को पत्र लिखा जा चुका है। यह उपलब्ध होते ही आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
