झांसी। हत्यारोपी राम सिंह ने भी प्रीति रायकवार की हत्या की बात कुबूल की लेकिन पुलिस को मौके से ऐसा कोई सुराग नहीं मिला था जिससे प्रीति की मौत की पुष्टि हो सके। बक्से के भीतर से कुछ हड्डियों के अंश पुलिस ने बरामद किए थे।

पोस्टमार्टम के दौरान उससे अंश निकालकर डीएनए परीक्षण के लिए भेजा गया था। पुलिस ने घटना स्थल से बरामद हुई अस्थियों के प्रीति के होने की पुष्टि के लिए मंगलवार को उसके नाबालिग बेटे का डीएनए नमूना लिया है। इसे परीक्षण के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है। प्रीति की पहचान पुख्ता करने लिए उसके बेटे के डीएनए सैंपल का उन अवशेषों से मिलान कराया जाएगा।

पुलिस अफसरों का कहना है कि यह प्रक्रिया वैज्ञानिक साक्ष्य के तौर पर कोर्ट में बेहद अहम मानी जाती है। आरोपी राम सिंह ने शव को जलाकर पहचान मिटाने की कोशिश की थी, लेकिन डीएनए जांच से यह साफ हो जाएगा कि जले हुए अवशेष प्रीति के ही हैं। इससे हत्या के मामले में आरोपी के खिलाफ सबूत मजबूत होंगे। हालांकि फोरेंसिक रिपोर्ट आने में कुछ समय लगने की उम्मीद है।



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