झांसी। ट्रेनों में सक्रिय बिहार का चोर गिरोह रात के बजाय दिन में घटनाओं को अंजाम देता था। उनके निशाने पर ट्रेनों के एसी कोच रहते थे। जनवरी में दो दिन तक स्टेशन पर चोरियां करने वाला गिरोह करीब 9 माह पहले भी झांसी आकर ट्रेनों को निशाना बना चुका है। पुलिस का दावा है कि महंगे होटलों में ठहरने के साथ यह गिरोह चोरी करने के बाद फ्लाइट से घूमता था।

थाना प्रभारी जीआरपी रावेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि गिरोह का सरगना गौरव है। उसके खिलाफ कई राज्यों की जीआरपी में प्राथमिकी दर्ज है। गौरव एक नहीं, बल्कि अलग-अलग कई गिरोह चलाता है। 6 व 7 जनवरी को ट्रेनों के एसी कोच में लगातार हुई चोरियों की घटनाओं के बाद गहराई से छानबीन की गई। जिन गाड़ियों में चोरी हुई थी, उनके समय के हिसाब से फिर सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो गौरव व उसके गिरोह के गुर्गे सीढ़ियों से ट्रॉली बैग लेकर जाते दिखे। स्टेशन के बाहर व शहर में लगे सीसीटीवी के जरिये पुलिस होटल तक पहुंची। इसके बाद रवीश पासवान, करम कुमार व प्रशांत की गिरफ्तारी की गिरफ्तारी की गई। वहीं, सरगना गौरव अब भी फरार है। ये सभी आरोपी बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से झांसी जीआरपी में चोरी के दर्ज नौ मामलों से जुड़ा माल बरामद हो सका।

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सुबह होटल में पढ़ते थे अखबार : इलाइट चौराहे के समीप महंगे होटल में ठहरने वाले बिहार के इस गिरोह ने 6 जनवरी को स्टेशन पर घटनाओं को अंजाम दिया। फिर सुबह होटल में अखबार पढ़ते थे। देखते थे कि वारदात से जुड़ी कोई खबर तो नहीं छपी है। थाना प्रभारी जीआरपी रावेंद्र मिश्रा ने बताया कि चोर गिरोह पुलिस की हर गतिविधि पर खासी नजर रखता था। वह ज्यादा दिनों तक एक जिले में नहीं ठहरते थे। तीन से चार दिन बाद ठिकाना बदल देते थे।

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सामान की शिनाख्त के लिए पहुंच रहे पीड़ित : मुंबई से चलकर सीतापुर जा रही सीतापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के एसी कोच ए-1 की सीट नंबर 6 पर सवार महिला यात्री सपना ने बताया कि वह हर साल सर्दियों में भाई के घर अलीगढ़ जाती थीं। 6 जनवरी को वह ट्रेन में थीं। झांसी स्टेशन पहुंचने पर उन्होंने देखा कि उनका ट्रॉली बैग चोरी हो गया था। बैग में साढे़ चार लाख की ज्वैलरी रखी थी। वहीं, पुलिस ने अब तक सिर्फ टॉप्स बरामद किए हैं। जीआरपी की सूचना पर चोरी के शिकार यात्री अपने सामान की शिनाख्त के लिए स्टेशन पर पहुंच रहे हैं।



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