रायबरेली। शहर स्थित एक्सिस बैंक की शाखा के अधिकारियों की लापरवाही के कारण जालसाजों ने नकली सोना देकर 1.23 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन डकार लिया। मुंबई और दिल्ली की टीम की जांच में जेवर नकली मिले। कोर्ट ने बैंक शाखा के दो अधिकारियों समेत 19 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
द्वितीय अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) नीरज सिंह ने शहर कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं। शहर के कचहरी रोड सत्य नगर स्थित एक्सिस बैंक शाखा के अधिवक्ता संजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि जनवरी 2022 से मई 2023 तक आठ ग्राहकों ने 25 बार में गोल्ड लोन लिया। ग्राहकों ने 1.23 करोड़ रुपये कीमत का गोल्ड लोन बैंक शाखा से प्राप्त किया।
सोने का मूल्यांकन विकास अग्रवाल व हरिओम गुप्ता ने किया था। जेवरों को सही बताया था, जिसके बाद बैंक से ऋण दिया गया था। आशंका होने पर एक्सिस हाउस मुंबई के आंतरिक लेखा परीक्षा विभाग के वरिष्ठ बैंक प्रबंधक गजेश देसाई की देखरेख में गिरवी रखे गए सोने के जेवरों की जांच सोनी बाजार राजकोट से कराई गई तो जेवर नकली मिले।
बैंक के शाखा प्रबंधक ने शहर कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन मुकदमा दर्ज न किया गया। इस पर द्वितीय अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) नीरज सिंह की कोर्ट में वाद दायर करके मुकदमा दर्ज कराए जाने की याचना की।
मामले में न्यायालय ने प्रभात सिंह, प्रीती सिंह, सूरज सिंह, वरीशा, मो. युनुस, यास्मीन, शिवम सिंह, गोल्ड लोन के दो अधिकारियों विकास अग्रवाल व हरिओम गुप्ता समेत 19 लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार सिंह का कहना है कि कोर्ट का आदेश मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा।
