A man murdered his son in Bahraich.

मृतक आनंद व आरोपी पिता।
– फोटो : amar ujala

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बहराइच के चितरहिया दुविधापुर गांव में बृहस्पतिवार को कलयुगी पिता ने अपने डेढ़ वर्षीय पुत्र आनन्द वर्मा के मुंह में कपड़ा ठूसकर भूसे वाले कमरे में मुंह की तरफ से घुसेड़कर हत्या कर दी। परिजनों ने जादू टोने के चलते पुत्र की हत्या करने का आरोप लगाया है। मासूम की मां की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर हत्यारोपी पिता को शुक्रवार की सुबह चर्दा तिराहा के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस पूछताछ में उसने हत्या की वजह पुत्र का किसी और का होने की बात बताई है।

रुपईडीहा थाना क्षेत्र के चितरहिया दुविधापुर गांव निवासी लक्ष्मीदेवी का डेढ़ वर्षीय पुत्र आनन्द बृहस्पतिवार को घर पर बहन के साथ खेलते समय गायब हो गया। काफी देर बाद बेटे को न देख मां ने उसकी घर के आसपास व गांव में काफी खोजबीन की। इसी दौरान चार वर्षीय पुत्री ने मां को बताया कि खेलते समय पिता भाई को भूसे वाले कमरे में ले गए थे। जानकारी पर वह लोग भूसा वाले कमरे में पहुंचे तो आनन्द के मुंह में कपड़ा ठूसा हुआ मिला। वहीं, उसके हाथ पैर भी बंधे मिले जिससे उसकी हालत बिगड़ चुकी थी। परिजन उसे लेकर प्राइवेट अस्पताल गए जहां से प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर मेडिकल कालेज बहराइच रेफर कर दिया गया। देर रात अस्पताल में डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद से ही बालक के पिता फरार हो गए। मृतक के नाना फखरपुर थाना क्षेत्र के पटसिया निवासी राजकुमार ने बताया कि बुधवार को ही वह बेटी व नाती नातिन को ननिहाल से उनके घर छोड़कर आए थे। आरोप लगाते हुए बताया कि जादू टोना के चलते सुजीत ने उनके नाती की हत्या कर दी। वहीं, पुलिस ने बताया कि पकड़े गए हत्यारोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था और पुत्र को अपना न मानकर किसी और का होना बताता था। मौत से परिजनों में कोहराम है। रुपईडीहा प्रभारी निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह का कहना है कि हत्यारोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

ससुरालियों ने पारिवारिक सदस्य की बीमारी का हवाला देकर बुलाया था घर

मृतक के नाना राजकुमार उस घड़ी को कोस रहे है जब उन्होंने पुत्री व नाती नातिन को उनके घर छोड़ आने का फैसला किया। उनका कहना था कि बेटी के ससुरालियों ने परिवार के सदस्य की बीमारी का हवाला देते हुए उन लोगों को ससुराल ले आने की बात कही थी। जिसके चलते वह उन्हें बुधवार को वहां छोड़ आए। अगर वह नाती को छोड़ने न जाते तो वह आज जिंदा होता।



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