अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जिला पंचायत बोर्ड की बुधवार को होने वाली बैठक के हंगामेदार रहने के आसार है। सात माह पहले हुई बोर्ड बैठक में पारित प्रस्तावों को आज तक अमली जामा नहीं पहनाया जा सका। इससे सदस्य खासे नाराज हैं। विकास के कई कार्य लटके हैं। इन सब मुद्दों पर सदस्य अफसरों को घेरने की तैयारी में है। विपक्षी खेमे के सदस्य भी अक्रामक हैं। वहीं, बोर्ड के सामने सदस्यों के प्रस्ताव पर करीब आठ करोड़ रुपये के विकास कार्यों पर भी चर्चा होगी।
पिछली बोर्ड बैठक इस साल की शुरूआत में हुई थी। करीब सात माह के लंबे अंतराल के बाद बैठक बुलाई गई है। बोर्ड के लिए जारी एजेंडे में पिछली बैठक की कार्यवृत्ति की संपुष्टि समेत विकास कार्यों पर चर्चा शामिल है लेकिन, सदस्य पिछली बैठक में पास हुए कार्यों के अब तक न होने से नाराज हैं। इसमें विपक्षी खेमे के साथ सत्ता पक्ष के सदस्य भी साथ हैं। सदस्यों के मुताबिक आय बढ़ाने को पिछली बार जेल चौराहे पर दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव पास किया गया लेकिन, यह मामला फाइलों में उलझा है। सदस्यों के शैक्षिक भ्रमण के प्रस्ताव पर भी बजट मंजूर नहीं हुआ। प्रत्येक वार्ड में विकास कार्य के प्रस्ताव मंजूर हुए लेकिन, बजट न होने के बहाने इसे टाल दिया गया। इसको लेकर सदस्यों में नाराजगी है। जिला पंचायत सदस्य बृजेंद्र यादव, अजय अतरौली आदि का कहना है कि सदस्यों के प्रस्तावों पर काम नहीं कराए जा रहे। सदस्य बृजेंद्र यादव के मुताबिक बोर्ड के सामने यह बात रखी जाएगी।
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बोर्ड बैठक के लिए एजेंडा तय कर लिया गया है। विकास कार्य के प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी। मंजूर हुए प्रस्ताव पर अभी तक काम क्यूं नहीं कराए जा सके, इसके बारे में अधिकारियों से जवाब लिया जाएगा।
पवन गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष
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करगुवां खुर्द की सड़क पर कीचड़ ही कीचड़
करगुवां खुर्द जाने की पूरी तरह से कीचड़ से भरी हुई है। इस सड़क से होकर जाने वाले लोग कीचड़ मे सराबोर हो जाते हैं। अतरौली से जिला पंचायत सदस्य अजय कुमार का कहना है कि पिछली बार भी इसके लिए प्रस्ताव दिया गया लेकिन, इस सड़क का निर्माण नहीं कराया गया।
