झांसी। दसवीं की छात्रा को जब पिता ने पढ़ने के लिए कानपुर नहीं भेजा तो वह घर से भाग निकली। झांसी से डबरा जा रही थी कि उस पर पुलिस की नजर पड़ गई। उसे बाल कल्याण समिति में पेश किया गया। यहां से परिजनों के सुपुर्द किया गया।

कानपुर देहात के राजपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली दसवीं की छात्रा शुक्रवार को घर से कोचिंग जाने की बात कहकर निकली। फिर घर वापस नहीं पहुंची। बल्कि गांव से बैग में 100 रुपये, किताबें रखकर पुखरायां स्टेशन पहुंची। ट्रेन पकड़ कर झांसी आ गई। वह अपनी बुआ के पास डबरा जा रही थी और इसकी सूचना उसने पिता को दे दी। इधर, परिवार वालों की जानकारी पर रेलवे चाइल्ड लाइन उसे लेकर बाल कल्याण समिति पहुंची। समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा, सदस्यगण कोमल सिंह, हरिकृष्ण सक्सेना, दीपा सक्सेना और परवीन खान ने उसकी काउंसिलिंग की। छात्रा ने अपने बयान में बताया कि वह पढ़ लिखकर पुलिस में भर्ती होना चाहती है, लेकिन पिता इसमें मदद नहीं कर रहे। इसलिए वह ट्रेन पकड़ कर झांसी आई और डबरा (मप्र) में रह रही बुआ के पास जा रही थी। उसने बताया कि बुआ ने कहा था कि वह पढ़ाएंगी, इसलिए वह घर से भाग आई। हालांकि उसने समझाइश के बाद पिता के साथ जाना स्वीकार किया। समिति ने पिता को चेतावनी दी कि छात्रा को किसी तरह की तकलीफ नहीं होनी चाहिए।



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