
सांसद स्मृति ईरानी से शिकायत बताती एक महिला।
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सोमवार की देर रात जन संवाद यात्रा के तहत चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुन रहीं सांसद स्मृति ईरानी के सामने एक महिला फूट फूट कर रोई। महिला का आरोप था प्रशासन ने उसके प्रधानमंत्री आवास को बुलडोजर से गिरवा दिया। महिला की शिकायत पर स्मृति ने मामले की जांच कर कार्यवाही करने का निर्देश दिया है।
दरअसल ये पूरा मामला भादर ब्लाक के खाझा गांव का है। सोमवार की देर रात करीब 10 बजे सांसद स्मृति ईरानी जन संवाद यात्रा के तहत चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुन रही थीं। इसी बीच एक महिला पहुंची और फूट-फूट कर रोने लगी। महिला का आरोप था कि 2023 में उसे प्रधानमंत्री आवास मिला था जो बनकर तैयार हो गया था। 6 फरवरी को लेखपाल समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और बुलडोजर से आवास को गिरवा दिया।
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महिला की शिकायत पर सांसद स्मृति ईरानी ने तत्काल मौके पर मौजूद सीडीओ सूरज पटेल को पूरे मामले की जांच कर कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। सांसद स्मृति ईरानी ने महिला से कहा कि आप लिखित शिकायत सीडीओ को दीजिये और सीडीओ मामले की जांच कर कार्यवाही करेंगे। इतना ही नही सांसद ने कहा कि जांच रिपोर्ट अधिकारी उन्हें भी देंगे।
भेंवई गांव की संध्या को मिला था आवास
भादर ब्लाक के भेंवई गांव की रहने वाली संध्या पांडेय को 2023 में प्रधानमंत्री आवास मिला था जिसके बाद संध्या ने उसे बनवाकर तैयार करा लिया था। 6 फरवरी को लेखपाल अरविंद सिंह, कानूनगो राजकुमार सिंह और नायाब तहसीलदार परशुराम मौके पर पहुंचे और बिना किसी पूर्व सूचना के बुलडोजर से आवास को गिरवा दिया। आवास गिराए जाने के दौरान महिला रोती गिड़गिड़ाती रही लेकिन अधिकारियों ने उसकी एक न सुनी।
