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मनोज पटेल की फाइल फोटो। – फोटो : स्रोत परिजन
कोंच। कोतवाली क्षेत्र के चमरसेना और गुरावती मार्ग पर हुए गहरे गड्ढे में फंसकर युवक बाइक सहित गिर गया। राहगीरों ने बाइक की लाइट जलती देख ग्रामीणों को सूचना दी। ग्रामीणों ने उसे निकालकर सीएचसी पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी के संकेतक न लगाने से युवक की जान गई है।
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कोतवाली क्षेत्र के गुरावती गांव निवासी मनोज पटेल (42) बुधवार को अपने मामा के घर चमरसेना गांव बाइक से गया था। रात में करीब 9 बजे वह मामा के घर से गांव लौट रहा था। तभी कोहरे के कारण उसे सड़क के बीच हुआ गहरा गड्ढा दिखाई नहीं दिया और बाइक सहित वह उसी गड्ढे में गिर गया। कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे बाइक सवारों ने गड्ढे में बाइक की लाइट जलती देखकर ग्रामीणों को सूचना दी।
ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला और अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत के खबर के बाद घर में कोहराम मचा है। परिजनों ने बताया कि मनोज अविवाहित था। परिजनों का कहना है कि अगर पीडब्ल्यूडी गड्ढे के आसपास संकेतक लगा देता तो शायद आज युवक जिंदा होता। युवक की मौत से परिजनों व ग्रामीणों में विभागीय अधिकारियों के प्रति खासा रोष है।
पीडब्ल्यूडी के जेई संदीप यादव का कहना है कि बारिश में पानी से सड़क कटने पर गड्ढा हो गया है। वहां पुलिया बननी है पर ग्रामीण बनने नहीं दे रहे हैं। अगर ग्रामीणों का सामंजस्य बनता है तो तत्काल पाइप डलवाकर पुलिया बना दी जाएगी।
15 दिन पहले हुई थी एक युवक की गड्ढे में गिरकर मौत
कोंच। 15 दिन पहले कोंच-कैलिया मार्ग पर देवगांव के पास पीडब्ल्यूडी विभाग की लापरवाही से सड़क के बीच खुदे पुलिया के गड्ढे में पीपरी कला निवासी संदीप कुशवाहा अपने पड़ोसी गौरीशंकर पांचाल के साथ बाइक सहित गिर गया था। इसमें संदीप की मौके पर ही मौत हो गई थी और गौरीशंकर को जिंदगी और मौत के बीच जूझना पड़ा था। गड्ढे के आस पास कोई संकेतक भी नहीं लगे थे और बेवजह युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इसके बाद खबर का संज्ञान लेकर विभाग ने खुदी पड़ी पुलियों के गड्ढों में संकेतक लगवाए थे। लेकिन ग्राम चमरसेना-गुरावती के बीच पिछले कई महीनों से कटी पड़ी सड़क के गड्ढे में किसी जिम्मेदार ने फिर भी ध्यान नहीं दिया कि एक और युवक को अपनी जान गवानी पड़ी।