अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। प्रेमनगर के गढि़या गांव निवासी अभिषेक प्रजापति (19) प्रेमिका से विवाद होने के बाद नौ दिनों से घर से लापता था। बुधवार दोपहर उसका शव रेलवे डैम के पास सुनसान इलाके में पेड़ पर फंदे के सहारे लटका मिला। शव करीब आठ दिन पुराना था। उसकी जेब से मिले मोबाइल के सहारे उसकी शिनाख्त हुई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। उसके सुसाइड करने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस आगे भी मामले की छानबीन कर रही है।
गढि़या गांव निवासी अभिषेक तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। परिजनों ने बताया कि उसके पिता मोहन ने करीब 15 साल पहले मुस्लिम महिला से शादी की थी। पहली पत्नी हीरा देवी के दो बच्चों अभिषेक एवं अजीत को उसकी बुआ अपने साथ लेकर नैनागढ़ में किराये के मकान में रहती थी। तीन साल पहले हीरा देवी की मौत हो गई। अभिषेक पढ़ाई करने के साथ प्राइवेट काम भी करता था। मोहल्ले की एक युवती से उसके प्रेम संबंध थे। दोनों आपस में बात करते थे। घूमने भी साथ जाते थे।
छह दिसंबर को गर्लफ्रेंड से अभिषेक का विवाद हो गया। आठ दिसंबर को उसे अपनी भाभी को पेपर दिलाने जाना था लेकिन वह घर नहीं आया। फोन करने पर भी पता नहीं चला। बिना किसी को कुछ बताए सात दिसंबर से वह लापता हो गया। परिजनों ने भी उसे तलाशा लेकिन उसका पता नहीं चला। परिजनों ने प्रेमनगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी।
बुधवार सुबह रेलवे डैम के पास सुनसान इलाके में घूमने पहुंचे युवकों को उसका शव फंदे से लटका मिला। शव करीब सात-आठ दिन पुराना था। मोबाइल से शिनाख्त होने पर परिजनों को पुलिस ने सूचना दी। उसका शव देख परिजनों में रोना-पिटना मच गया। सीओ रामवीर सिंह के मुताबिक प्रारंभिक छानबीन में सुसाइड की बात सामने आई है। परिजनों ने किसी तरह की तहरीर नहीं दी गई है।
