
आकांक्षा समिति के कार्यक्रम में सैनेटरी पैड लांच करतीं मुख्य अतिथि डॉ. रश्मि सिंह, रितु माहेश्वरी।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और मासूमों के चेहरों पर मुस्कान की ‘आंकाक्षा’ अब रंग ला रही है। स्वयं सहायता समूह से जहां महिलाएं रोजगार कर रही हैं। वहीं अनाथ बच्चे स्कूलों में पढ़ रहे हैं। यह अनोखी पहल है प्रशासनिक अधिकारियों व उनकी पत्नियों की। जिन्होंने रविवार को आंकाक्षा परामर्शदात्री समिति का 35वां स्थापना दिवस मनाया।
फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल में आयोजित समारोह में प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज सिंह की पत्नी डॉ. रश्मि सिंह मुख्य अतिथि रहीं। उन्होंने मासिक स्वच्छता धर्म प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग की। इस प्रोजेक्ट में स्वयं सहायता महिला समूह सेनेटरी पैड बना रही हैं, जिन्हें बाजार में बेचा जाएगा।
साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को मासिक धर्म, स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा। लखनऊ की तर्ज पर आगरा में मसाला मठरी सेंटर के लिए एमओयू साइन हुआ। समिति अध्यक्ष व मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने कहा कि 1994 में प्रतिमा दयाल ने आकांक्षा की नींव रखी। यह संस्था दो क्षेत्रों में कार्य करती है। एक बच्चों की शिक्षा और दूसरा महिलाओं के स्वास्थ्य व रोजगार के लिए।
मंडलायुक्त ने राज्य समिति अध्यक्ष डॉ. रश्मि सिंह के समक्ष प्रस्ताव रखा कि सीएसआर फंड में समिति के लिए अंश निर्धारित किया जाए। उपाध्यक्ष डीएम की पत्नी विनीता पाटिल ने अतिथियों का स्वागत किया। समारोह में समिति की पूर्व अध्यक्ष किरन त्रिपाठी, डॉ. संगीत भटनागर, डॉ. प्रीति गुप्ता, रीता वर्मा, अर्चना अनिल कुमार, अर्चना तिवारी, अलीशा सगीर, प्रतिभा किशोर के अलावा सीडीओ प्रतिभा सिंह, एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली, शुभांगी शुक्ला, श्रद्धा शांडिल्यायन आदि मौजूद रहीं।
