
अरविंद केजरीवा, अखिलेश यादव और संजय सिंह
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आम आदर्मी पार्टी (आप) ने उत्तर प्रदेश में भले ही लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा लेकिन वह इंडी गठबंधन के साथ मजबूती से खड़ी रही। पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं ने गठबंधन धर्म के तहत प्रदेश में कई सीटों पर प्रचार किया और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल व सांसद संजय सिंह ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ संयुक्त प्रेसवार्ता भी की। वहीं पार्टी कार्यकर्ताओं ने इंडी गठबंधन के प्रत्याशियों के लिए हर जिले में प्रचार किया था।
लोकसभा चुनाव की घोषणा होने के समय आप के प्रदेश प्रभारी व सांसद संजय सिंह जेल में थे। शायद यही वजह रही कि पार्टी ने शुरुआत में ही यह निर्णय लिया कि वह उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेगी। हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के इंडी गठबंधन के साथ जाने के निर्णय के बाद उत्तर प्रदेश में भी पार्टी ने इंडी गठबंधन के प्रत्याशियों के लिए प्रचार करने का निर्णय लिया।
चुनाव की शुरुआत होने के कुछ दिन बाद ही आप के राज्यसभा संजय सिंह जेल से छूटे और लखनऊ में उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ मिलकर प्रदेश में प्रचार करने की रणनीति बनाई और संयुक्त प्रेसवार्ता भी की थी। इसके बाद प्रचार अभियान के गति पकड़ने के साथ ही संजय सिंह ने अमरोहा, मेरठ, कन्नौज, घोषी, नगीना लोकसभा क्षेत्र में सपा-कांग्रेस व इंडी गठबंधन के प्रत्याशियों के समर्थन में सभाएं व जनसंपर्क किया।
इसमें से कई सीटों पर इंडी गठबंधन के प्रत्याशियों को सफलता भी मिलीं। वहीं चुनाव प्रचार के लिए जेल से छूटे आप के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल भी आखिरी चरण से पहले लखनऊ आए और सपा मुखिया अखिलेश यादव के साथ संयुक्त प्रेसवार्ता की थी। दूसरी तरफ चुनाव से पहले आप के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह व दिल्ली के नेताओं ने भी प्रदेश में कुछ स्थानों पर सभा कर माहौल तैयार किया था। साथ ही पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने इंडी गठबंधन के लिए प्रचार किया।
