आगरा इटावा स्टेट हाईवे पर बाह के बडागांव के पास रविवार रात 10.15 बजे अज्ञात वाहन की चपेट में आने से जैतपुर के पहाड़ पुरा गांव के देवेन्द्र (35) की दर्दनाक मौत हो गई। वह अपनी रूठी पत्नी शिल्पी को लेने ससुराल चौरंगाहार आया था, अकेले लौटते वक्त हादसे का शिकार हो गया।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए बाह की मोर्चरी में रखवा दिया है। पहाड़ पुरा का देवेन्द्र तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। जयपुर में नग बनाने का काम करता था। छोटे भाई धर्मेन्द्र ने पुलिस को बताया कि देवेन्द्र की पत्नी शिल्पी तीन दिन पहले रूठकर चौरंगाहार चली आई थी। देवेन्द्र दो दिन पहले जयपुर से आया था।
रविवार को वह बाइक से रूठी पत्नी को लेने अपनी ससुराल चौरंगाहार आया था। अकेला वापस लौट रहा था, तभी हादसे का शिकार हो गया। कॉल किए जाने पर पहुंची एंबुलेंस देवेन्द्र को लेकर बाह सीएचसी पर लाई। जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची बाह पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। प्रभारी निरीक्षक बाह ने बताया कि दुर्घटना करने वाले वाहन की तलाश की जा रही है।
तीन बेटियों के सिर से छिना पिता का साया
देवेन्द्र की मौत के साथ तीन बेटियों प्रतिज्ञा, आराध्या, साराध्या के सिर से पिता का साया छिन गया है। मृतक का कोई बेटा नहीं है। शिल्पी के सामने तीन बेटियों की परवरिश की पहाड़ सी चुनौती है, परिवार में कोई और कमाने वाला नहीं है। देवेन्द्र की मौत से परिवार मातम में डूब गया है।
