हरिद्वार से कांवड़ लेकर रामेश्वरम के लिए निकले सासनी के गांव समामई निवासी कांवड़ियों को 2 जनवरी की दोपहर नागपुर के पास ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में जगदीश (40) की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। शुक्रवार को हादसे की खबर आते ही गांव में कोहराम मच गया।
सासनी के गांव समामई निवासी जगदीश पुत्र गिरीश अपने 16 वर्षीय बेटे यश के साथ तीन नवंबर को हरिद्वार के लिए निकले थे। उनके साथ में गांव के ही भोला पंडित (30), सुनील (18), बौला (55) व बबूल गांव के छोटे (36) भी थे। इन लोगों ने हरिद्वार से पांच नवंबर को 51 किलो गंगाजल उठाकर यात्रा शुरू की थी। 18 नवंबर को यात्रा का हाथरस में स्वागत भी हुआ था, जिसके बाद ये लोग आगे निकल गए थे।
2 जनवरी की दोपहर को भोला पंडित ने फोन कर परिजनों को हादसे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में नागपुर-हैदराबाद मार्ग पर ट्रक ने कांवड़ियों को पीछे से टक्कर हादसे में जगदीश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छोटे के सिर में गंभीर चोट आई। उन्हें गंभीर हालत में नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनके अलावा बौला व भोला के भी चोट आई हैं। गांव से कुछ लोग नागपुर के लिए रवाना हो गए हैं।
छह महीने में उठा माता-पिता का साया
ग्रामीणों ने बताया कि जगदीश की पत्नी की छह माह पहले मौत हो चुकी है। परिवार में केवल जगदीश व उनका बेटा यश ही था। अब पिता की हादसे में मौत हो गई। छह महीने में माता-पिता का साया उठने से यश अकेला रह गया है।
