अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सोमवार तड़के झांसी-ललितपुर हाईवे पर बबीना टोल प्लाजा के पास अन्ना जानवर आ जाने से तेज रफ्तार डीसीएम आगे चल रहे डंपर में जा घुसा। हादसे में डीसीएम के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। डीसीएम चालक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसका भतीजा घायल हो गया। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने चालक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।
अलीगढ़ के अकराबाद थाना क्षेत्र के रुदायन गांव निवासी नरेश कुमार (30) पुत्र इंद्रपाल डीसीएम चलाता था। रविवार को सोनीपत (हरियाणा) से पार्सल लोड करके वह बंगलुरू जा रहा था। भतीजा प्रदीप (38) पुत्र अशोक भी उसके साथ था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सोमवार तड़के करीब चार बजे तेज रफ्तार में डीसीएम जैसे ही बबीना टोल प्लाजा के पास पहुंची, हाईवे पर अन्ना जानवर आने से आगे चल रहे डंपर चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दी। पीछे चल रहा नरेश अपनी डीसीएम संभाल नहीं सका। डीसीएम सीधे पीछे से डंपर में जा घुसी।
हादसे में डीसीएम के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। नरेश और प्रदीप केबिन में फंस गए। थोड़ी देर में पुलिस भी पहुंच गई। जब तक नरेश को बाहर निकाला गया, उसकी मौत हो गई जबकि प्रदीप घायल हो गया। प्रदीप को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। हादसे की सूचना पर मिलने पर देर-शाम परिवार के लोग भी यहां पहुंच गए। उधर, हादसे के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर भाग निकला।
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इनसेट
केबिन में फंसकर दर्द से छटपटाता रहा नरेश
तड़के हादसा होने से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही कम थी। हादसे के बाद करीब आधा घंटे तक नरेश और प्रदीप केबिन के अंदर ही फंसे रहे। घायल प्रदीप का कहना है कि गाड़ी के टुकड़े नरेश के शरीर में धस गए थे। इस वजह से वह काफी देर तक दर्द से छटपटाता रहा। उसके बाद अचेत हो गया। करीब आधे घंटे बाद किसी दूसरे वाहन के ड्राइवर ने उनको बाहर निकाला। नरेश की शादी नहीं हुई थी।
