गर्भवती को मऊ प्राइवेट अस्पताल ले जाकर प्रसव कराने और 40 हजार फीस मांगने का आरोप लगा है। पति ने बताया कि रुपये न दे पाने पर जच्चा-बच्चा को अस्पताल से बाहर नहीं आने दे रहे हैं। मानिकपुर के चमरौंहा गांव निवासी लवलेश कुमार ने शनिवार को डीएम को पत्र दिया। बताया कि 17 अप्रैल की रात पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर आशा कार्यकर्ता के साथ सीएचसी मानिकपुर लाए। रात में डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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इसके बाद आशा कार्यकर्ता एंबुलेंस में बैठ गई। पत्नी को वह वंदना अस्पताल ले गई। रात में ही ऑपरेशन से बच्चा होने की बात बताई। आरोप लगाया कि 18 अप्रैल की सुबह अस्पताल प्रबंधन ने 40 हजार रुपये फीस बताई। उसने इतने रुपये न होने की बात कही तो अस्पताल स्टॉफ ने कहा कि जब रुपये दोगे, तभी जच्चा-बच्चा को ले ले जाना।
डीएम ने दिए कार्रवाई के आदेश
डीएम शिवशरणप्पा ने सीएमओ को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएमओ डॉ. भूपेश द्विवेदी ने बताया कि आशा कार्यकर्ता और एंबुलेंस चालक से पूछताछ की जाएगी। दोषी होने पर कार्रवाई होगी। जांच करने गए मऊ चिकित्साधिकारी डॉ. मो. हारुन ने बताया कि ऑपरेशन से बच्चा हुआ है। दोनों स्वस्थ हैं। 40 हजार रुपये मांगने की बात किसी ने नहीं बताई। वंदना अस्पताल में मौजूद डॉ. हेमलता मिश्रा ने बताया कि इन्होंने दो हजार रुपये जमा किए हैं। जच्चा-बच्चा को रुपयों के लिए नहीं, सुरक्षा के लिए रोका है।