Acts of JIJA and brother-in-law: Fake medicines worth crores spent in two years

नकली दवा फैक्टरी
– फोटो : अमर उजाला

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आगरा। सिकंदरा में पकड़ी गईं पशुओं की नकली दवाओं की दो फैक्टरियां दो साल से संचालित हो रही थीं। आरोपी करोड़ों की नकली दवाएं बाजार में खपा चुके हैं। विदेश में भी डिस्ट्रीब्यूटर्स के माध्यम से सप्लाई की गईं। पुलिस ने आरोपी संचालक जीजा अश्वनी और साले साैरभ से अलग-अलग पूछताछ की। उन्होंने कई नाम बताए हैं। पुलिस इनकी पड़ताल में लगी है।

12 नवंबर को सिकंदरा के लखनपुर में पुलिस ने दो स्थानों पर छापा मारा था। बंद मैरिज होम में अश्वनी गुप्ता, एक मकान में उसका साला साैरभ दुबे फैक्टरी चला रहा था। 3 दिन चली कार्रवाई में 4.50 करोड़ की दवाएं, मशीनरी और कच्चा माल जब्त किए गए। आरोपी अश्वनी गुप्ता, उसकी पत्नी निधि गुप्ता, साैरभ और कर्मचारी उस्मान को जेल भेजा गया।

थाना प्रभारी ने बताया कि दवाएं आगरा के अलावा कानपुर, इटावा, मैनपुरी सहित पंजाब, गुजरात, राजस्थान तक भेजी जा रही थीं। डिस्ट्रीब्यूटर्स मोबाइल पर ऑर्डर दिया करते थे। इसके बाद दवाओं की डिलीवरी की जाती थी। पहले से रकम ले ली जाती थी। बाकी रकम माल मिलने के बाद मिलती थी। आरोपी करोड़ों की दवाएं खपा चुके हैं। आरोपियों ने पूछताछ में डिस्ट्रीब्यूटर्स और सप्लायरों के नाम बताए हैं। धरपकड़ के लिए टीम लगी है। संचालकों के मोबाइल भी कब्जे में लिए हैं। इनका डाटा खंगाला जा रहा है।

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कहां पहुंची दवाएं, नहीं चला पता

पशुओं की नकली दवाएं बाजार में सप्लाई हो रही थीं। पुलिस ने 4 दिन पहले छापा मारा था। अवैध धंधा तकरीबन 2 साल से चल रहा था। दोनों फैक्टरी से करोड़ों का माल बरामद किया गया। मगर, बाजार में सप्लाई माल कहां-कहां बिका यह अब तक पुलिस पता नहीं कर सकी है। बाजार में लगातार नकली दवाओं की बिक्री हो रही होगी।

 



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